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यूपी रोडवेज को हर माह लाखों का चूना

वोल्वो बसों के परिचालन से यूपी रोडवेज को हर माह लाखों का चूना लग रहा है। रोडवेज की ओर से पहले विभिन्न जगहों के लिए आधा दर्जन वोल्वो बस चलाने की योजना थी। लेकिन लगातार बढ़ रहे घाटे के कारण महज दो बसें ही चलाई जा रही है। खासतौर से सर्दियों में वोल्वो बस में पैसेंजर न के बराबर होती हैं।

यूपी रोडवेज की ओर से गाजियाबाद से देहरादून के लिए दो वाल्वो बसें चलाई गई हैं। बसों में पैसेंजरों का टोटा रहता है। गाजियाबाद से देहरादून का किराया वोल्वो बस में लगभग पांच सौ रुपए है। इतने मंहगे किराए के कारण लोग वोल्वो से जाने से बचते हैं। जबकि वोल्वो बसें के संबंध काफी प्रचार-प्रसार भी किया गया था। आमतौर पर लोग देहरादून जाने के लिए ट्रेन का सहारा लेते हैं। जिनका देहरादून हमेशा आना-जाना लगा रहता है, वो वोल्वो की बजाए साधारण बस से जाना पसंद करते हैं। नतीजा होता है कि वोल्वो बस लगभग खाली ही रवाना हो जाती है।

रोडवेज के एआरएम आर के चौधरी ने बताया कि एक वोल्वो बस से हर माह एक लाख से ज्यादा का घाटा हो रहा है। पहले रोडवेज की योजना थी कि अगर यात्रियों की संख्या ठीक ठाक रही तो मसूरी,हरिद्वार आदि जगहों के लिए भी वोल्वो बसें चलाई जाएंगी। लेकिन लगातार बढ़ रहे घाटे के कारण इस योजना को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा। चौधरी ने बताया कि मई-जून माह में कुछ लोग वोल्वो से जाना पसंद करते हैं। लेकिन बरसात और ठंड में तो धंधा मंदा हो जाता है। उल्लेखनीय है कि एक वोल्वो बस की कीमत लगभग पचास लाख रुपए होती है। इतनी मंहगी होने के कारण रोडवेज अपने बेड़े में इसे फिलहाल शामिल नहीं करना चाहता है।

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