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पहला दिन: द्रविड़-धोनी ने निकाला श्रीलंका का दम

पहला दिन: द्रविड़-धोनी ने निकाला श्रीलंका का दम

श्रीमान भरोसेमंद राहुल द्रविड़ ने अपनी ख्याति के अनुरूप चटटान की तरह क्रीज पर डटकर भारतीय टीम को सोमवार को यहां न सिर्फ दिल दहलाने वाले भंवर से बाहर निकाला बल्कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर उसे श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में बड़े स्कोर की तरफ भी अग्रसर किया।

द्रविड़ ने तब टीम की नैय्या संभाली जब भारत ने 32 रन के अंदर चोटी के चार बल्लेबाज गंवा दिए थे। इससे पहले भी कई अवसरों पर टीम को संकट से उबारने वाले द्रविड़ ने अभी नाबाद 177 रन बनाए हैं। उन्होंने युवराज सिंह (68) और धोनी (110) के साथ उपयोगी साझेदारियां निभाई जिससे भारत पहले दिन छह विकेट पर 385 रन बनाए जो टेस्ट क्रिकेट में एक दिन में उसका सर्वाधिक स्कोर है।

धोनी का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला सुबह चनाका वेलेगेदारा ने गलत साबित करने की कोशिश की। उन्होंने गौतम गंभीर (1), वीरेंद्र सहवाग (16) और सचिन तेंदुलकर (4) को पवेलियन भेजकर भारतीय खेमे में तहलका मचा दिया जबकि धम्मिका प्रसाद ने वीवीएस लक्ष्मण को खाता भी नहीं खोलने दिया जिससे अप्रैल 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इसी मैदान पर खेले गए मैच की कहानी दोहराने की स्थिति बन गई जब भारतीय टीम 76 रन पर ढेर हो गई थी।

लेकिन वनडे टीम से बाहर कर दिए गए द्रविड़ मजबूत इरादों के साथ मैदान पर उतरे थे। उन्होंने पहले युवराज के साथ पांचवें विकेट के लिए 125 रन जोड़कर पारी संवारने की कोशिश की और फिर धोनी के साथ 224 रन की साझेदारी करके सुबह के काले साए को पूरी तरह से छांटकर श्रीलंकाई खेमा चिंता में डुबो दिया।

अपना 27वां टेस्ट शतक पूरा करने वाले द्रविड़ अपने पूरे रंग में थे, चाहे वह सुबह रंगना हेराथ की गेंद पर उनके सिर के ऊपर से लगाया गया छक्का हो या फिर कवर और आन साइड में कई खूबसूरत ड्राइव, उन्होंने श्रीलंका के हर गेंदबाज को पूरे आत्मविश्वास के साथ खेला और टीम के दबाव में होने के बावजूद तेजी से रन बनाए। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अपने 135 टेस्ट मैच के कैरियर में पहली बार उन्होंने एक दिन में इतने अधिक रन बनाए।

द्रविड़ ने अब तक 251 गेंद खेली हैं तथा 26 चौके और एक छक्का लगाया है। अपनी इस आकर्षक पारी के दौरान वह टेस्ट क्रिकेट में 11000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पांचवें बल्लेबाज भी बने। युवराज की भी तारीफ करनी होगी जिन्होंने विकेट गिरने का क्रम रोकने में द्रविड़ का पूरा साथ दिया तथा 93 गेंद की अपनी प्रवाहमय पारी में 13 चौके लगाए।

धोनी ने वनडे मैचों की अपनी फार्म टेस्ट मैचों में जारी रखी और दिन के अंतिम क्षणों में धम्मिका प्रसाद की उठती हुई गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमाने से पहले अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया। उन्होंने 159 गेंद खेली तथा दस चौके और एक छक्का लगाया और इस दौरान 2000 टेस्ट रन पूरे किए।

द्रविड़ की इस सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक पारी से भारत तेजी से रन जुटाने में भी सफल रहा। सुबह के सत्र में भारतीय टीम ने चार विकेट गंवाए लेकिन द्रविड़ के दबाव में नहीं खेलने की रणनीति से उसने 105 रन भी जोड़े। लंच और चाय के विश्राम के बीच 29 ओवर में 116 रन बने और युवराज पवेलियन लौटे जबकि अंतिम सत्र में धोनी आउट हुए और इस बीच 36 ओवर में 164 रन भारतीय स्कोर में जुड़े।

इससे पहले सुबह श्रीलंका के कम अनुभवी आक्रमण ने भारत के शीर्ष क्रम की बखिया उधेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दो साल बाद टेस्ट मैच खेल रहे वेलेगेदारा ने अपने शुरुआती स्पैल से भारत के दिग्गज बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी।

इस 28 वर्षीय गेंदबाज की गेंद अंतिम क्षणों में स्विंग ले रही थी जिसे खेलने में भारतीय बल्लेबाजों को काफी दिक्कत हुई। उन्होंने अपने पहले स्पैल में सात ओवर में 28 रन देकर तीन विकेट लेकर छह माह बाद अपना पहला टेस्ट मैच खेल रही भारतीय टीम को बैकफुट पर भेज दिया।

वेलगेदारा ने गंभीर के रूप में भारत को पहला झटका दिया जो जो रक्षात्मक शाट खेलने के प्रयास में गेंद को अपनी विकेटों पर खेल गए। सहवाग इसके बाद 11 गेंद में तीन चौके जड़ने के बाद इसी गेंदबाज की अंदर आती गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। अंपायर टोनी हिल ने कुछ देर विचार करने के बाद अंगुली उठाई।

वेलेगेदारा ने इसके बाद आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 21वें बरस में प्रवेश करने वाले तेंदुलकर को बोल्ड कर दिया जिन्हें कुछ देर पहले ही गुजरात सरकार और गुजरात क्रिकेट संघ से मैच की शुरुआत से पूर्व सम्मानित किया था। उन्होंने पहली ही गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव से चौका जड़ा लेकिन तीसरी ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। लक्ष्मण भी प्रसाद की गेंद को विकेटों में खेल गए जिससे भारत पर संकट गहरा गया। द्रविड़ और युवराज ने यहीं से सूझबूझभरी बल्लेबाजी करके पारी को संभाला।

द्रविड़ ने कुछ बेहतरीन फ्लिक शॉट खेले जबकि युवराज ने भी बिना किसी दबाव के बल्लेबाजी की। द्रविड़ ने लंच के बाद भी धम्मिका प्रसाद पर तीन चौके जड़े। इसके कुछ देर बाद ही युवराज ने भी एंजेलो मैथ्यूज की गेंद प्वाइंट क्षेत्र से चार रन के लिए भेजकर 29वें मैच में अपना सातवां अर्धशतक पूरा किया।

युवराज ने कुछ अच्छे ड्राइव लगाए लेकिन कुछ गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर स्लिप क्षेत्र से भी निकली। धम्मिका प्रसाद की एक गेंद उनके शरीर पर भी लगी जिसके तुरंत बाद उन्होंने चौका जमाया लेकिन इसके अगले ओवर में मुरलीधरन ने उनकी पारी का अंत कर दिया।

इस स्टार ऑफ स्पिनर पर उन्होंने आगे बढ़कर शॉट जमाना चाहा लेकिन अंतिम समय में उन्होंने इरादा बदल दिया और उसे रक्षात्मक खेलने के प्रयास में शार्ट कवर पर तिलकरत्ने दिलशान को आसान कैच थमा दिया। द्रविड़ ने हेराथ की गेंद पर एक रन लेकर अपना 27वां शतक पूरा किया और इसके बाद भी वह पूरे प्रवाह से बल्लेबाजी करते रहे। धोनी ने युवराज की कमी नहीं खलने दी तथा श्रीलंका के स्पिन और तेज आक्रमण के सामने आसानी से रन बटोरे। उन्होंने भी हेराथ की गेंद पर चौका जड़कर अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया।
स्कोर बोर्ड
भारत पहली पारी छह विकेट पर 385 रन
गंभीर बो वेलेगेदारा 1
सहवाग पगबाधा बो वेलेगेदारा 16
द्रविड़ खेल रहे हैं 177
तेंदुलकर बो वेलेगेदारा 4
लक्ष्मण बो प्रसाद 0
युवराज का दिलशाद बो मुरलीधरन 68
धोनी का प्रसन्ना जयवर्धने बो प्रसाद 110
हरभजन खेल रहे 2
अतिरिक्त: 7 रन
विकेट पतन: 1-14, 2-27, 3-31, 4-32, 5-157, 6-381।
गेंदबाजी
वेलेगेदारा 17-3-75-3
प्रसाद 18-1-90-2
मैथ्यूज 12-1-50-0
मुरलीधरन 23-3-90-1
हेराथ 19-1-73-0
दिलशान 1-0-3-0

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