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हड़ताल से पीएमसीएच में मरीज घटे

बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) और दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में पिछले एक हफ्ते से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण वहां मरीजों की संख्या लगातार घट रही है जबकि निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्घि हो रही है।

वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती के बावजूद इन अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताल की अवधि में पीएमसीएच में अब तक 71 मरीजों की मौत की खबर है। उधर पीएमसीएच प्रशासन अब तक 47 तथा डीएमसीएच प्रशासन 5 मरीजों की मौत को स्वीकार कर रहा है।

पीएमसीएच में हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव आपातकालीन कक्ष पर दिखाई दे रहा है। पीएमसीएच में दर्ज आकड़ों के अनुसार नौ नवंबर को आपातकालीन कक्ष में 378 मरीज भर्ती हुए थे वहीं एक दिन के बाद 10 नवंबर को मरीजों की संख्या घटकर 222 हो गई। इसी तरह 11 नवंबर को मरीजों की संख्या 187, 12 नवंबर को 116, 13 नवंबर को 157 रह गई। आपातकालीन कक्ष में 14 नवंबर को सिर्फ 179 मरीज आए, जबकि 15 नवंबर को मरीजों की संख्या 181 थी।

अस्पताल प्रशासन का भी मानना है कि हड़ताल की वजह से मरीजों की संख्या में कमी आई है। हालांकि पीएमसीएच के उपाधीक्षक आऱक़े सिंह ने दावा किया कि पीएमसीएच में भर्ती होने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि हड़ताल में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अब तक 116 अतिरिक्त चिकित्सकों ने पीएमसीएच में कार्य प्रारंभ कर दिया है।

गरीब मरीजों की एक बड़ी तादाद प्रतिदिन पीएमसीएच में इलाज के लिए पटना और दूर-दराज के अन्य क्षेत्रों से आती है। उल्लेखनीय है कि मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर सोमवार से तथा डीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर गुरुवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं।

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