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जागिंग से जिम तक

जागिंग से जिम तक

खुद को फिटनेस फ्रिक कहलाना आजकल मॉडर्न लाइफ स्टाइल का हिस्सा बन गया है, पर बात यहीं खत्म नहीं होती। सच तो यह है कि खुद को फिट रखना फैशन और स्टाइल से भी एक कदम आगे बढ़कर लोगों की ‘जरूरत’ बन गया है। ‘आपकी फिटनेस में जरा सी भी गड़बड़ी आई कि आपकी जिंदगी की गाड़ी पटरी से फौरन उतर जाएगी।’ कहते हैं फिटनेस ट्रेनर अश्विनी। 

फिल्म स्टारों का फिटनेस फंडा
वैसे फिल्मी कलाकारों की जीवनशैली भले ही ग्लैमरस लगे, पर इसके पीछे फिटनेस को लेकर उनकी कड़ी मेहनत का भी हाथ होता है। बॉडी बिल्डिंग में पहले बात सिर्फ सलमान खान और ऋतिक रोशन तक ही सीमित थी, लेकिन आमिर खान और फिर शाहरुख ने वह कर दिखाया, जिसके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था। असल में सिक्स-पैक एब्स को ही उन्होंने फिल्म के हिट होने का मूलमंत्र बना लिया और सफल भी रहे। ‘ओम शांति ओम’ में शाहरुख और ‘गजिनी’ में आमिर ने फिटनेस की नई परिभाषा गढ़ डाली। ‘ब्लू’ में जाएद की बॉडी काबिलेतारीफ नजर आई। सैफ, निर्माणाधीन फिल्म ‘एजेंट विनोद’ में कुछ इसी अंदाज में नजर आएंगे, जबकि ऋतिक ‘काइट’ में मसल मैन के रूप में दिखेंगे। आनेवाले समय में इस क्रम में लगभग सभी नायक नजर आएंगे। बकौल ट्रेनर सत्यजीत चौरसिया, ‘ऐसी बॉडी और फिटनेस के लिए महीनों और कभी-कभी पूरे साल ट्रेनिंग लेनी पड़ती है।’ बॉडी बिल्डिंग के अलावा फिल्मों में लंबी पारी के लिए सामान्य फिटनेस इन कलाकारों के लिए बेहद जरूरी होती है, जिसके लिए नियमित एक्सरसाइज और योगाभ्यास के अलावा खानपान पर इन्हें खास ध्यान देना होता है। 

खिलाड़ियों का दमखम
खिलाड़ियों का तो पूरा करियर ही उनकी फिटनेस पर निर्भर करता है। अब ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर विजेन्द्र सिंह की तरह हर खेल में खिलाड़ियों को बॉडी बनाने की तो जरूरत नहीं है, पर इनके लिए फिटनेस की जरूरत फिल्म स्टारों से भी अधिक है। फुटबॉल, बैडमिंटन, हॉकी आदि खेलों में तो फिट रहना जरूरी है ही, क्रिकेट में भी अब वसी ही चुस्ती-फुर्ती जरूरी हो गई है। खासकर 20-20 ने क्रिकेटरों को भी किसी जिमनास्ट की तरह फिट रहने के लिए बाध्य कर दिया है। यही कारण है कि चाहे टीम में हों या न हों, क्रिकेटर अपनी फिटनेस प्रैक्टिस कभी नहीं भूलते। सचिन तेंदुलकर ने यदि क्रिकेट करियर के 20 साल पूरे किए तो खेल के साथ-साथ उनकी बेहतरीन फिटनेस की भी इसमें खास भूमिका रही है। 

आम लोग भी पीछे नहीं
फिटनेस के प्रति आम लोगों की अभिरुचि का आलम यह है कि पत्र-पत्रिकाओं में इससे संबंधित कॉलम हिट हैं और टीवी पर भी ऐसे कार्यक्रम प्रसारित होते ही रहते हैं। और जरा बाबा रामदेव के शिविरों का तो नजरा देखिए। क्या बच्चे और क्या बूढ़े, सभी उनके निर्देशों के अनुसार योगाभ्यास करते नजर आते हैं। जॉगिंग या वॉकिंग आम लोगों में सबसे लोकप्रिय है। जिन्हें सीना, डोले, थाई और कमर का खूबसूरत संयोजन चाहिए, वे जिम का सहारा लेते हैं। खूबसूरत बॉडी के लिए स्पा की लोकप्रियता भी इन दिनों बढ़ने लगी है।  मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी लोग काफी सजग हैं। इतना ही नहीं, म्यूजिक, एरोबिक्स, डांस, स्विमिंग आदि फिटनेस के नए तौर-तरीकों को अपनाने में भी लोग पीछे नहीं हैं। स्वस्थ मन-मस्तिष्क होने पर ही जिंदगी का सही लुत्फ उठाया ज सकता है। इसीलिए पार्टियों के शौकीन जॉगिंग और जिम की बात कभी नहीं भूलते।

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