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सचिन को जीत का तोहफा देगी टीम

सचिन को जीत का तोहफा देगी टीम

भारत विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज में मिली पराजय को पीछे छोड़ते हुए नए जोश और उत्साह के साथ श्रीलंका के खिलाफ यहां सरदार पटेल स्टेडियम में सोमवार से शुरु होने वाले पहले क्रिकेट टेस्ट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को जीत का तोहफा देने के इरादे से उतरेगा जिन्होंने आज अंतरराष्ट्रीय 20 वर्ष पूरे कर लिए।

भारत का श्रीलंका के खिलाफ अपनी जमीन और सरदार पटेल स्टेडियम में शानदार रिकार्ड रहा है। भारत श्रीलंका से अपने मैदानों में कभी कोई टेस्ट नहीं हारा है और महेन्द्र सिंह धोनी चाहेंगे कि श्रीलंका के खिलाफ भारत के इस अपराजेय प्रदर्शन का सिलसिला एक बार फिर बना रहे।

टीम इंडिया का मनोबल हालांकि ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज में मिली 2-4 की पराजय से थोड़ा गिरा हुआ है लेकिन टेस्ट सीरीज में शुरुआत बिल्कुल नई होगी और इसमें फटाफट क्रिकेट नहीं बल्कि पांच दिन खेलने के जज्बे का इम्तिहान होगा।

भारत लगभग आठ महीने के अंतराल के बाद कोई टेस्ट खेलने जा रहा है। इन आठ महीनों के दौरान भारतीय खिलाडी 20-20 या वनडे में ही उलझे रहे थे। उन्हें अब फटाफट क्रिकेट के जुनून से बाहर निकलकर टेस्ट क्रिकेट की असली परीक्षा से अब रूबरू होना होगा।

धोनी के लिए यह टेस्ट खासा मायने रखता है। ऑस्ट्रेलिया से सीरीज हारने के बाद उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठे हैं और उन्हें अपने खिलाड़ियों से एक ईकाई के रूप में प्रदर्शन कराकर इन आलोचनाओं का जवाब देना है। भारत का इस मैच में दारोमदार अपने तीन धुरंधर बल्लेबाजों सचिन, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण पर निर्भर करेगा।
ओपनिंग में विरेन्दर सहवाग और गौतम गंभीर की जोड़ी अपना तालमेल फिर से हासिल करने की कोशिश करेगी। निचले मध्य क्रम में युवराज सिंह और धोनी पारी को मजबूती देने का बोझ उठाएंगे। धोनी का खाली यही देखना है कि गेंदबाजी में वह तीन तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ उतरे या फिर दो तेज गेंदबाज और दो स्पिनरों के साथ उतरें। लेकिन यदि धोनी पांच गेंदबाजों को खेलाने का फैसला करते हैं तो दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से युवराज को बाहर होना पड़ सकता है।

संभावना यही दिखाई दे रही है कि धोनी टीम में लौटे जहीर खान के साथ-साथ शांतकुमारन श्रीसंत और इशांत शर्मा को उतारना पसंद करेंगे जबकि स्पिन गेंदबाजी का भार हरभजन सिंह के कंधों पर रहेगा। मौका मिलने पर युवराज भी अपनी लेफ्टआर्म स्पिन गेंदों का कमाल दिखा सकते हैं।

दूसरी तरफ श्रीलंकाई टीम भारत में कभी टेस्ट न जीत पाने की बाधा को पार करने के लिए बेताब है। उसके कप्तान कुमार संगकारा का मानना है कि टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है और यह टीम पहले टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
न्यूजीलैंड और पाकिस्तान को अपनी जमीन पर पटखनी देने के बाद श्रीलंकाई टीम के हौंसले बुलंद हैं। बल्लेबाजी में जहां टीम के कप्तान संगकारा, माहेला जयवर्धने, तिलकरत्ने दिलशान, तिलन समरवीरा और तरंग परनविताना अच्छी फार्म में हैं वहीं गेंदबाजी में नुवान कुलशेखरा, तिलन तुषारा, मुथैया मुरलीधरन और अंजता मेंडिस की मौजूदगी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशानी में डाल सकती है।

मोटेरा की पिच स्पिनरों की मददगार है। ऐसे में मुरलीधरन और मेंडिस की जोड़ी भारतीय बल्लेबाजों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। भारतीय टीम के पिछले श्रीलंकाई दौरे में मेंडिस ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। हालांकि टीम को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढलने का मौका नहीं मिला है क्योंकि वर्षा के कारण वह अभ्यास मैच नहीं खेल पाई थी।
 
भारतः महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान), विरेन्दर सहवाग, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, अमित मिश्र, जहीर खान, इशांत शर्मा, मुरली विजय, प्रज्ञान ओझा, श्रीसंत और एस बद्रीनाथ में से।

श्रीलंकाः कुमार संगकारा (कप्तान),  मुथैया मुरलीधरन, महेला जयवर्धने, दिलशान, तरंग परनविताना, तिलन समरवीरा, एंजेलो मैथ्यूज, तिलन कंदाम्बी, प्रसन्ना जयवर्धने, कौशल सिल्वा, चनाका वेलेगेदरा, तिलन तुषारा, कुलशेखरा, धमिका प्रसाद, हेरात और अजंता मेंडिस।

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