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गेम्स से पहले बनेंगी स्टैक पार्किग

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले यातायात सुचारू करने के लिए एमसीडी दिल्ली में अपनी तरह की पहली पार्किग बनाने जा रही है। स्टैक या पजल पार्किग के नाम से समङी जाने वाली यह पार्किग नट बोल्ट सिस्टम पर आधारित है और पूरी तरह कंप्यूटराज्ड होगी, यानी कार पार्क करने व निकालने के लिए कंप्यूटर ही काम करेगा। कार पार्क करने के स्पेस का भी इससे पता लग सकेगा। हाइड्रोलिक सिस्टम की सहायता से कारें पार्क की जा सकेंगी।
एमसीडी ने इन पार्किग के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं।

एक पार्किग में 98 से 100 कारें पार्क की जा सकेगी और इन्हें कम समय में भी बनाया जा सकता है। नट बोल्ट सिस्टम पर आधारित फिलहाल इस तरह की पार्किग कोलकता में पहले से चल रही है। निगमायुक्त के.एस.मेहरा ने बताया कि लोहे की छड़ों को नट बोल्ट कसकर यह रैकनुमा पार्किग व्यस्ततम जगहों के लिए काफी कारगर समङी जाती है। पहाड़गंज व करोलबाग इलाका काफी व्यस्ततम है जिसके चलते यह पार्किग बनाने का फैसला लिया गया है।  इसे पजल पार्किग के नाम से भी जाना जाता है।

इस रैकनुमा पार्किग में गाड़ियां एक के ऊपर खड़ी की जा सकेंगी और हाइड्रोलिक लिफ्ट के जरिए यह अपने आप पार्क हो जाएंगी। पहाड़गंज में यह शीला सिनेमा के पीछे और करोलबाग में जस्साराम अस्पताल के पीछे बनाई जाएगी। एक पार्किग बनाने पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस नए सिस्टम में समय की बचत होगी तथा कार चालक व मालिक को कार पार्क करने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी।

हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए कार स्पेस खुद ढूंढ लेगी। इन इलाकों में होटलों की संख्या काफी है और कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान टूरिस्टों के चलते यहां पार्किग बनाई जा रही है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रलय भी इस योजना को हरी झंडी दे दी है

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