DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वेस्ट में नहीं चली एक भी चीनी मिल

निजी शुगर मिलों की ओर से गन्ने के 180 रुपये प्रति कुंतल के भाव पर किसान कतई राजी नहीं है जंतर-मंतर पर धरना देने का ऐलान कर चुकी भाकियू के प्रमुख को मनाने रविवार को सिसौली पहुंचे केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री को कोई सफलता नहीं मिली। महेंद्र सिंह टिकैत ने उन्हें दो टूक कह दिया कि पहले एफआरपी वापस लो, तब आगे की बातचीत की जाएगी। रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने रविवार को ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि 19 नवंबर को दिल्ली में संसद के बाहर और भीतर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी है। दूसरी ओर सहारनपुर में किसानों ने सरसावा चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू ही नहीं होने दिया। बुलंदशहर के अनूपशहर में किसानों ने दो तौल केंद्र उखाड़ दिए। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चीनी मिलों के गेट पर धरना दिया।
सपा कार्यकर्ताओं ने मेरठ-दिल्ली हाइवे पर सांकेतिक तौर पर जाम भी लगाया।

केंद्रीय श्रमराज्य मंत्री हरीश रावत से बातचीत में भाकियू प्रमुख महेंद्र सिंह टिकैत ने साफ कहा कि 180 का भाव और एफआरपी किसी कीमत पर मंजूर नहीं है। उन्होंने एफआरपी वापस लेने के बाद ही आगे की बातचीत करने का ऐलान किया। दूसरी ओर हरीश रावत ने कहा, कि वह एक किसान की हैसियत से यहां आए हैं, सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं। सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर वह सोमवार को जंतर-मंतर पर किसानों से बातचीत करेंगे।

सहारनपुर के सरसावा में रविवार को चीनी मिल के पेराई सत्र के उद्घाटन पर किसानों ने जमकर हंगामा किया और चीनी मिल नहीं चलने दी। किसानों ने हवन सामग्री चेन में डाल दिया। बाद में चिलकाना मार्ग पर सांकेतिक जाम लगाकर केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पंवार का पुतला फूंका। बिजनौर में भाकियू ने हल्दौर चौराहे पर जाम लगाया और केंद्रीय मंत्री के पुतले की अर्थी निकाली।

करीब एक घंटे बाद जाम खोला गया। भाकियू ने बूंदकी मिल पर गन्ना देने से मना कर दिया है। गेट के सामने जिला अध्यक्ष आसिफ खां के नेतृत्व में धरना दिया गया।  बुलंदशहर के अनूपशहर में किसानों ने दो गन्ना तौल केन्द्र उखाड़ डाले। और गन्ने की होली व केन्द्रीय गन्ना मंत्री का पुतला फूंका। यही नहीं किसानों ने घंटों चीनी मिल कर्मचारियों को बंधक बनाए रखा। ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार को कोसा।

उधर, गन्ना मूल्य के मुद्दे पर सपा कार्यकर्ता सोमवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। बागपत में बड़ौत-छपरौली मार्ग पर गन्ना मूल्य को लेकर किसानों ने चार घंटे मार्ग अवरुद्ध रखा। बड़ौत डाक बंगले पर रालोद कार्यकर्ताओं ने 19 नवंबर को दिल्ली घेरने की रणनीति बनाई। मवाना में किसानों ने दो क्रय केंद्र उखाड़ दिए। एक किसान ने आत्मदाह का प्रयास किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:वेस्ट में नहीं चली एक भी चीनी मिल