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संगठन चुनाव की आहट से भाजपा में खींचतान

भारतीय जनता पार्टी में संगठन के चुनाव का बिगुल बजते ही जबरदस्त खींचतान शुरू हो गई है। गुटबाजी रोकने के लिए पार्टी हाईकमान ने मंडल और जिला कमेटियां आम सहमति से गठित करने का निर्णय लिया है। जिला और मंडल अध्यक्ष पद के लिए आधा-आधा दजर्न दावेदारों के ताल ठोंकने से आम सहमति बनाना भारी पड़ रहा है और कई-कई गुट खुलकर सामने आ गए हैं। ऐसे में तय माना जा रहा है कि संगठन चुनाव में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक और उनके विरोधियों के बीच सीधी लड़ाई होगी।

भाजपा के प्रत्येक तीन साल पर होने वाले संगठन के चुनाव इस बार इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि इस बार की गठित कमेटी के नेतृत्व में ही अगले विधानसभा चुनाव होने हैं। क्षेत्रीय विधायक और मंत्री, संगठन में अपने-अपने समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों पर काबिज कराने में जुट गए हैं। प्रमुख कार्यकर्ताओं की उपेक्षा ने गुटबाजी बढ़ा दी है। जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल मौजूदा महामंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को टक्कर उन्हीं की कमेटी में उपाध्यक्ष आदेश चौहान दे रहे हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव से उपेक्षा का आरोप लगा रही चौहान बिरादरी का दबाव इस बार जातीय आधार पर भी है। पूर्व जिलाध्यक्ष और लोकसभा चुनाव प्रभारी रहे राकेश राजपूत भी दावेदारों की लाइन में हैं। इसके साथ ही व्यापारी नेता ओम प्रकाश जमदग्नि भी मजबूत दावा पेश कर रहे हैं। नगर विकास मंत्री मदन कौशिक और संघ के पदाधिकारियों से बेहतर ताल्लुकात उन्हें अतिरिक्त मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक की नजदीकी संजय सहगल का नाम भी उनके समर्थक आगे बढ़ा रहे हैं। निशंक से संबंधों का फायदा उन्हें तभी मिल सकता है, जबकि मुख्यमंत्री संगठन चुनाव में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय गुप्ता एक और गंभीर दावेदार माने जा रहे हैं। स्वामी यतीश्वरानंद और संजय गुप्ता मंत्री विरोधी खेमे की पसंद हैं। जानकार बताते हैं कि मंत्री विरोधी खेमा किसी कीमत पर मदन की पसंद के व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर काबिज नहीं होने देना चाहता है। ऐसे में विरोधी खेमा एक नाम पर सहमति बनाकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

इसी तरह मंडल अध्यक्ष पद पर मंत्री और मंत्री विरोधी खेमे के अलग-अलग प्रत्याशी मैदान में हैं। मंडल महामंत्री रोहित साहू, किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री प्रमोद शर्मा को जहां सहगल ग्रुप सपोर्ट कर रहा है। इससे उम्मीद बंधी है कि मुख्यमंत्री भी अंदरखाने इनमें से किसी नाम पर सहमति जता देंगे, वहीं भाजयुमो के विभाग संयोजक नरेश शर्मा, सपा से हाल ही में भाजपा में शामिल हुए ब्रजभूषण विद्यार्थी और दुर्गा शंकर भाटी, पूर्व जिला महामंत्री विमल कुमार और संघ से सक्रिय राजनीति के लिए मुक्त हुए कुलदीप गुप्ता मंडल अध्यक्ष के दावेदारों में शामिल हैं।

नरेश शर्मा, दुर्गाशंकर भाटी और ब्रजभूषण विद्यार्थी में से किसी नाम पर मंत्री मदन कौशिक अपने समर्थन की मुहर लगा देंगे। जिसे उनका समर्थन मिलेगा मंडल अध्यक्ष पद की दौड़ में वह आगे निकल जाएगा। उधर जिला चुनाव प्रभारी कैलाश पंत कहते हैं कि पहले आम सहमति की कोशिश होगी, अगर किन्हीं कारणों से आम सहमति नहीं बनती है तो फिर चुनाव अगला विकल्प होगा।

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