DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सुबह-शाम झेलनी ही पड़ेगी कटौती

बिजली को लेकर अगले तीन महीने उत्तराखंड के लिए काफी मुश्किल भरे होने जा रहे हैं। कई जगह हाथ-पांव मारने के बावजूद सुबह व शाम (पीक आवर) के लिए बिजली की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। सोमवार से एडवांस एनर्जी बैंकिंग के तहत ऑफ पीक आवर में दिल्ली से प्रतिदिन 16 लाख यूनिट बिजली मिलेगी लेकिन पीक आवर में बिजली देने से दिल्ली ने भी मना कर दिया है।

दिल्ली प्रतिदिन 16 घंटे के लिए 100 मेगावाट बिजली उत्तराखंड को देगा। पीक आवर में सुबह छह बजे से ग्यारह बजे तथा शाम छह बजे से रात नौ बजे तक प्रदेश को दिल्ली से बिजली नहीं मिल पाएगी। प्रदेश पहले से ही भारी बिजली संकट से गुजर रहा है। वर्तमान में उत्पादन प्रतिदिन 90 लाख यूनिट से कम है, जबकि जरूरत 2.4 करोड़ यूनिट की है। केंद्रीय कोटे की 80 लाख यूनिट बिजली से भी राहत नहीं मिल पा रही है।

लगातार हो रहे ओवर ड्रा के बाद भी बिजली कटौती करनी पड़ रही है। दिल्ली से बिजली मिलने के बावजूद पीक आवर में सामान्य बिजली आपूर्ति नहीं हो पाएगी। इस दौरान कटौती करना यूपीसीएल की  मजबूरी होगी। इस दौरान यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जगमोहन लाल ने दिल्ली में ऊर्जा मंत्रलय में बिजली को लेकर बातचीत की है।

खराब हालत को देखते हुए केंद्र सोमवार से प्रतिदिन 16 लाख यूनिट देने को तैयार हो गया है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद केंद्र ने अनएलोकेटेड कोटे से 13 दिसंबर से बिजली देनी शुरू की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सुबह-शाम झेलनी ही पड़ेगी कटौती