DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झारखंड के बहाने बिहार में चुनाव का रिहर्सल

झारखंड के बहाने बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का रिहर्सल हो रहा है। यही वजह है कि बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले प्रायः सभी दल झारखंड में अपनी ताकत झोंके हुए हैं। माना जा रहा है कि झारखंड का चुनावी गठबंधन बिहार विधानसभा चुनाव में भी कायम रहेगा। जदयू, भाजपा, राजद, लोजपा कांग्रेस और वाम दलों के बड़े, छोटे और मझौले नेता झारखंड में कैंप किए हुए हैं।

राजद, लोजपा, भाकपा, माकपा और माकर्सवादी समन्वय समिति के बीच झारखंड में पूर्ण तालमेल हो गया है। समन्वय समिति का बिहार में वजूद नहीं है। बाकी चार दल बिहार विधानसभा का चुनाव साझे में लड़ेंगे। झारखंड की तरह यहां भी साझा प्रचार होगा। इन दलों में सीटों के बंटवारे का अनुपात भी झारखंड वाला ही रहेगा। समन्वय समिति के बदले बिहार में इस गठबंधन में समाजवादी पार्टी भी शामिल हो सकती है। कांग्रेस से राजद और सपा दूरियां लगातार बढ़ रही हैं। यह बिहार में राजद और सपा की दोस्ती के लिए आधार का काम करेगा।

एनडीए के दोनों घटक दलों-भाजपा और जदयू के बीच झारखंड में पूर्ण तालमेल है। 81 सदस्यीय विधानसभा में जदयू के 14 और 67 पर भाजपा के उम्मीदवार हैं। दोनों दलों में सीटों को लेकर बकझक भी हुई थी। मगर दिल्ली के नेताओं के हस्तक्षेप से विवाद आगे नहीं बढ़ा। संभव है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों दलों के बीच कुछ सीटों की अदला-बदली भी हो। अदला-बदली सामाजिक समीकरण के आधार पर होगी। वजह कुछ भी हो झारखंड के रिहर्सल से यह साफ हो गया है कि बिहार में कांग्रेस अकेले लड़ेगी। झारखंड में कांग्रेस का झारखंड विकास मोर्चा के साथ तालमेल है। अगर सरकार बनाने के लिए कांग्रेस झारखंड में राजद-लोजपा गठबंधन से मदद लेती है तो बिहार में उसके अकेले चलने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:झारखंड के बहाने बिहार में चुनाव का रिहर्सल