DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब कल्याण बोले मुलायम धोखेबाज

मुलायम सिंह यादव के बयान के एक दिन बाद कल्याण सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने मुलायम की जी भरकर आलोचना की और उन्हें धोखेबाज, फिरकापरस्त और विश्वासघाती तक कह डाला। कल्याण ने खुद को पूरी तरह हिन्दूवादी बताते हुए कहा कि वह राम मंदिर का सपना पूरा होते देखना चाहते हैं और जल्द ही अयोध्या जाएँगे। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह किसी धर्म या जाति के सगे नहीं हैं, वह स्वार्थी हैं। श्री सिंह ने सभी लोगों को उनसे सतर्क रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहाकि वह अब किसी भी कीमत पर सरकार बनाने का मुलायम का मंसूबा पूरा नहीं होने देंगे। सपा नेता न सूबे में सरकार बना पाएँगे और न ही केन्द्र में।

दोपहर से ही श्री सिंह के माल एवेन्यू स्थित आवास पर समर्थक और प्रेस वाले जमा होने लगे थे। दोपहर तीन बजे जिस हॉल में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई, उसमें राम मंदिर बनवाने और कल्याण सिंह जिंदाबाद के ढेरों पुराने होर्डिग रखे हुए थे। इससे इस बात की सुगबुगाहट होने लगी थी कि श्री सिंह फिर अपने पुराने घर लौट रहे हैं। प्रेसवालों से शुरुआत में उन्होंने कह दिया,‘मैं आरएसएस का था, हूँ और रहूँगा।’ लेकिन आप तो मुलायम के साथ चले गए थे? यह सवाल आते ही सिंह ने कहा,‘मैंने जिन्दगी में बहुत सी गलतियाँ की हैं, पर यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी। अब इसका प्रायश्चित करना चाहता हूँ।इसके लिए मुझे भले ही कुछ भी करना पड़े, मैं तैयार हूँ।’

मुलायम सिंह की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि आजम खाँ से उनके वैचारिक मतभेद रहे हैं, लेकिन मुलायम के लिए श्री खाँ ने पूरी जिंदगी लगा दी। ये उनके भी सगे नहीं हुए। वामपंथी दलों को धोखा दिया, बेनी वर्मा को किनारे लगाया। एक नहीं हजारों उदाहरण हैं, जिनसे साफ जाहिर है कि मुलायम सिंह ने किस हद तक लोगों का उपयोग किया और काम निकल जाने के बाद फेंक दिया। अगर मुलायम सिंह यादव मुझे सपा में शामिल करना चाहें तो मैं कदापि नहीं जाऊँगा..नहीं जाऊँगा, नहीं जाऊँगा। हालाँकि श्री सिंह सपा के राष्ट्रीय महसचिव अमर सिंह पर कुछ नहीं बोले।

कल्याण ने कहा कि मुलायम को हमारे बारे में बोलने से पहले अपनी समीक्षा करनी चाहिए थी। आखिर उपचुनाव में उनकी हार का क्या कारण रहा। फिरोजाबाद में 40 फीसदी यादवों ने उन्हें वोट नहीं दिया। डेढ़ लाख ठाकुरों का वोट कहाँ पड़ा। पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का कितना वोट उन्हें मिला। वह अपने गिरेबान में झाँकें। इटावा में क्यों हारे। भरथना में हार क्यों मिली। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले वह हार के कारणों की सही समीक्षा करें।

ऐसा उन्होंने नहीं किया और हमें धोखा दिया है। कल्याण सिंह ने कहा, ‘मैं पिछड़ों, अगड़ों और मुसलमानों को आगाह करना चाहता हूँ, कि मुलायम सिंह यादव किसी के सगे नहीं हैं, वह सिर्फ अपने स्वार्थ देखते हैं।’
उन्होंने कहा कि देश को जरूरत हिन्दूवादी ताकत को बढ़ाने की है। ये लोग हिन्दूवादी ताकतों को कमजोर करने के लिए हिन्दुओं को जाति के नाम पर बाँटना चाहते हैं। देशहित में एक मजबूत हिन्दूवादी, राष्ट्रवादी पार्टी की जरूरत है।

आरएसएस प्रमुख भागवत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं अपने किए का पश्चात्ताप करूँगा और भाजपा को मजबूत करने के लिए सब कुछ करूँगा। यह पूछे जाने पर कि वह भाजपा में कब शामिल हो रहे हैं, श्री सिंह ने कहा कि मेरे विकल्प खुले हुए हैं। अभी कुछ तय नहीं है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब कल्याण बोले मुलायम धोखेबाज