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आतंक की जड़ें वेस्ट यूपी में तो नहीं

लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी डेविड हेडली के संपर्क सूत्रों की छानबीन में जुटी जांच एजेंसियों को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। कॉल डिटेल की जांच में अधिकांश मामले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ एवं आगरा के मिले हैं। कुछ कॉल्स आजमगढ़ एवं गोरखपुर के भी हैं जिन पर जांच एजेंसियों की नजर टिक गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि तीन सौ नए नंबरों को संदिग्ध मानकर छानबीन की जा रही है। इनमें कई नंबर ऐसे हैं जिनसे हेडली के भारत प्रवास के दौरान मुम्बई में एक ही नंबर पर कई बार कॉल की गई है। फिलहाल जांच एजेंसिया संबंधित कॉल्स की छानबीन में जुटी हुई हैं।

खास यह कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की देखरेख में चल रही छानबीन को पूरी तरह गोपनीय रखा जा रहा है। जांच एजेंसियों से जुड़े अधिकारी कुछ भी कहने से कतराते रहे। सूत्रों के मुताबिक हेडली के प्रवास के दौरान संदिग्ध 23 सौ कॉल्स की छानबीन में अधिकांश कॉल्स गाजियाबाद, आगरा, लखनऊ, मेरठ, बरेली से मुम्बई के एक ही एरिया में किए गए थे। आजमगढ़ एवं गोरखपुर से भी कुछ कॉल्स के संकेत जांच एजेंसियों को मिले हैं। फिलहाल, रविवार को तीन सौ और नए नंबरों की छानबीन एनआईए के निर्देशन में की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक जिस नंबर पर बार-बार कॉल्स किए गए हैं वह नंबर बटला हाउस एवं दिल्ली विस्फोट कांड के सूत्रधार रहे शाहनवाज का हो सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिए कि ऐसे कॉल्स की संख्या 62 है। उल्लेखनीय है कि डा. शाहनवाज घटना के बाद से फरार है। उसके दुबई या नेपाल में होने की आशंका जांच एजेंसियां जता रही हैं। फिलहाल आईबी एवं एटीएस के अधिकारी तीन दिनों से नंबरों की छानबीन में जुटे हुए हैं।

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