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विकास की धनराशि हो रही बर्बाद

अधिसूचित क्षेत्र के गांवों के विकास पर अथॉरिटी खरी नहीं उतर रही है। गावों में भविष्य को देखते हुए विकास नहीं कराया जा रहा है। एक ही विकास कार्य को तीन बार कराया जा रहा है जिससे धनराशि की बर्बादी हो रही है। गांवों में कभी नालियों को बना दिया जाता है तो कभी तोड़कर दुबारा से बड़ा बनाया जाता है। यही हाल सीवर लाईनों का है सीवर के जो पाईप गावों में बिछाए जा रहे है पहले तो पाईप डालने के लिए लाखों रुपए खर्च कर बनाई गई सड़कों को तोड़ा जा रहा है इसके बाद गोलाई में छोटे पाईप डाले जा रहे है। जो कि भविष्य को देखकर नही डाले जा रहे है।

मामले को लेकर ग्रामिणों गुस्सा है। गाव वालों का कहना है कि अथॉरिटी विकास के नाम पर भी उनके साथ भेदभाव कर रही है। अथॉरिटी फिलहाल 29 गावों में सीवर लाईन डालने का कार्य कर रही है। सीवर उन गावों में डाले जा रहे है जिन गावों की समस्त भूमि अधिग्रहण कर ली गई है। जिनमें से 16 गावों मे सीवर लाइन डाले जाने का कार्य पूरा कर लिया गया है जबकि 13 गावों में कार्य चल रहा है। सूरजपुर गांव के लोगों ने गोलाई में छोटे पाईप लाइन बिछाए जाने को लेकर हंगामा किया।

सीवर लाईन के लिए खुदाई कर रहे ठेकेदार को भगा दिया। सुरजपुर के अलावा अन्य गावों के लोग भी बडे पाईप डाले जाने की मांग करने लगे है। तिलपता गांव निवासी बलबीर आर्य का कहना है कि गांव में अथॉरिटी ने कुछ समय पहले ही करोडों रुपए खर्च कर नाली सड़क बना डाली अब सीवर लाईन बिछाने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से बनी सड़क व नालियों को तोड़ा जा रहा है।

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