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...जब सचिन के लिए क्रिकेट देखने लग गईं महिलाएं

...जब सचिन के लिए क्रिकेट देखने लग गईं महिलाएं

मासूम चेहरे और दिल जीत लेने वाली सचिन तेंदुलकर की मुस्कान ने न जाने कितनी महिलाओं को न केवल क्रिकेट से जोड़ा बल्कि उन्हें इस खेल का दीवाना बना डाला और यह बात किसी खास उम्र नहीं बल्कि हर उम्र की महिलाओं के मामले में लागू होती है।

ऐसी अनगिनत महिलाएं हैं जिन्होंने रिकॉर्ड्स के इस शहंशाह को देखने के लिए ही क्रिकेट से नाता जोड़ा और आज क्रिकेट उनका जुनून बन चुका है।
   
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बीस बरस पूरे करने वाले 36 वर्षीय बल्लेबाज के बारे में बीसीसीआई के मानद संयुक्त सचिव संजय जगदाले ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में यह उनका बहुत बड़ा योगदान है कि उन्होंने देश की लाखों महिलाओं के मन में इस खेल के लिए गजब का लगाव पैदा कर दिया।
   
जगदाले के मुताबिक तेंदुलकर ने जब 16 साल की कच्ची उम्र में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में हौसले से बल्ला थामकर देश की नुमाइंदगी शुरू की तो लाखों महिलाओं को उनमें अपने बेटे का अक्स नजर आया।

वह मानते हैं कि लिटिल मास्टर के पदार्पण के बाद भारतीय क्रिकेट संस्कृति में ऐतिहासिक बदलाव हुआ। तेंदुलकर ने इस खेल से ऐसे दर्शक और प्रशंसक वर्गों को जोड़ दिया, जो बरसों इससे दूर थे खासकर अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं को।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान संध्या अग्रवाल भी मास्टर-ब्लास्टर की शख्सियत के बारे में कुछ ऐसे ही ख्याल रखती हैं। उन्होंने कहा कि वाकई तेंदुलकर को खेलते देखना एक अद्भुत अनुभव है। क्रिकेट को करियर बनाने की चाह रखने वाली लड़कियां उन्हें खेलता देख खेल की बारीकियां सीख सकती हैं।

संध्या ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में तेंदुलकर के कदम रखने के बाद उनकी प्रेरणा से देश में युवा क्रिकेटरों की बाढ़-सी आ गई थी। इसका देश को खूब फायदा भी मिला।
   
हिन्दी के प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटेटर सुशील दोशी ने कहा कि 16 बरस की उम्र से अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की ओर से बल्ला थामने वाले तेंदुलकर की बच्चों सी चंचलता और शराफत ने उन्हें महिलाओं के सभी वर्गों में समान रूप से मशहूर कर दिया।
   
दोशी के मुताबिक तेंदुलकर की सबसे बड़ी खासियत यही है कि असाधारण व्यक्तित्व के होने के बावजूद वह साधारण व्यक्ति की तरह व्यवहार करते हैं।
   
पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अभय खुरासिया कहते हैं कि तेंदुलकर के लिए उनकी महिला प्रशंसकों के दिल में जो खास स्थान है, उसमें उनकी विनम्रता और बॉय नेक्स्ट डोर वाली छवि की अहम भूमिका है। वह अपनी असल जिंदगी में भी ऐसे ही हैं।
  


 

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