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मायावती ने एमएलसी चुनाव में जुटने की हिदायत दी

बसपा मुखिया एवं मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को दूसरे दिन भी मंत्रियों-विधायकों से मुलाकात का क्रम जारी रखा। उन्होंने स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र से विधानपरिषद के लिए होने वाले चुनावों के लिए कई और सीटों पर प्रत्याशी तय किए। विधायकों से स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र से चुनाव के लिए तय किए गए प्रत्याशियों को हर हाल में जीत दिलाने के लिए अभी से जुटने के लिए कहा। हालाँकि पार्टी ने दूसरे दिन भी बैठक या प्रत्याशियों के नामों की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी लेकिन सूत्रों के अनुसार स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र के लिए फिलहाल जो प्रत्याशी तय किए गए हैं उनमें पार्टी के मंत्रियों-विधायकों-नेताओं के नाते-रिश्तेदारों का रंग गहरा है। चुनाव हारे कई लोगों को भी टिकट मिलने की खबर है। हालाँकि कई बड़े नेताओं को टिकट की दौड़ में निराशा भी हाथ लगी है।  


सूत्रों के अनुसार आगरा-फिरोजाबाद सीट से मंत्री नारायण सिंह के बेटे को टिकट मिलने की खबर है। हालाँकि यहाँ के एक और मंत्री अपनी पत्नी के लिए लगे हुए हैं। लेकिन हाल ही में हुए लोकसभा उपचुनाव में उन पर लगे भीतरघात  के आरोपों के चलते फिलहाल वह अपनी मुहिम में सफल होते नहीं दिखाई दे रहे। गोरखपुर-महाराजगंज सीट से गणेश शंकर पाण्डे को टिकट दिया गया है। इस सीट से वह पिछला चुनाव जीते थे। श्री पाण्डे खलीलाबाद से पार्टी सांसद कुशल तिवारी के रिश्तेदार हैं और महाराजगंज से लोकसभा चुनाव हार चुके हैं। सुलतानपुर में मंत्री विनोद सिंह अपने भाई अरविन्द सिंह और फैजाबाद से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का घर जलाए जाने की घटना से चर्चा में आए विधायक जितेन्द्र सिंह बबलू अपने भाई को टिकट दिलाने में सफल रहे है। लखनऊ-उन्नाव सीट से टिकट पाए गुड्डू त्रिपाठी सांसद बृजेश पाठक के साले हैं। बाँदा-हमीरपुर सीट से टिकट पाने में पूर्व सांसद राजनारायण बुधौलिया वहाँ के एक काबीना मंत्री के विरोध के कारण फिलहाल विफल हो गए। बताया जा रहा है कि इस सीट से पार्टी के एक कद्दावर मंत्री के भाई को टिकट मिलने की उम्मीद है।

अलीगढ़ सीट से मंत्री रामवीर उपाध्याय अपने भाई मुकुल उपाध्याय को फिर टिकट दिलाने में कामयाब हो गए हैं। कमोबेश यही हाल दूसरी सीटों का है। दूसरी ओर, हरदोई के एक बड़े नेता फिलहाल न तो खुद टिकट पा सके और न ही अपने नजदीकी मौजूदा एमएलसी को दिला सके। हालाँकि इस सीट से पार्टी ने एक दूसरे मंत्री के भाई को टिकट दिया है। सूत्रों के मुताबिक आधिकारिक सूची जारी होने तक टिकटों के लिए यह जोर-आजमाइश आगे भी जारी रह सकती है। वहीं नेतृत्व भी जीत की संभावनाओं का आकलन कर फेरबदल सकता है। उधर, बसपा मुखिया बैठकों के क्रम में रविवार को सांसदों और कोआर्डिनेटरों की बैठक करेंगी।

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