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अजीत चौबे की बैरक में जेल प्रशासन का छापा

जेल में रहते हुए बलिया के एक अधिवक्ता और कई व्यापारियों को मोबाइल फोन से धमकी देने वाले कुख्यात अजीत चौबे की बैरक में गाजीपुर जेल प्रशासन ने शुक्रवार को अचानक छापा मारा। उस समय बैरक में मौजूद बंदियों में हड़कम्प मच गया, लेकिन तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।

जिला जेल में बंद अजीत चौबे के मोबाइल फोन से बलिया के एक अधिवक्ता और कई व्यापारियों को धमकाने का मामला लखनऊ एसटीएफ ने सर्विलांस के जरिये ट्रेस किया था। यह खबर ‘हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को अपराह्न् लगभग तीन बजे जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर एके मिश्र और दजर्नों बन्दीरक्षकों ने अजीत चौबे की बैरक (नम्बर चार) में अचानक छापेमारी की। जेल प्रशासन ने इस दौरान बैरक के सभी कैदियों के बिस्तर और उनके कपड़ों की तलाशी ली, लेकिन कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। हर बंदी यह जानने के लिए इच्छुक था कि आखिर किस शिकायत पर जेल अधिकारियों ने सिर्फ बैरक नम्बर चार पर छापा मारा। डिप्टी जेलर एके मिश्र ने कहा कि उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी कि बैरक नम्बर चार में कई मोबाइल सेट मौजूद हैं और इनके जरिये उस बैरक में बंद विचाराधीन कैदी व्यापारियों को धमकी देते हैं। इसबीच अजीत चौबे के अधिवक्ता दिनेश तिवारी ने बताया कि विरोधी खेमे के लोग फर्जी तरीके से उनके मुवक्किल को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी धमकी देने के एक मामले में उनके मुवक्किल को क्लीन चिट मिल चुकी है।

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