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हमारे समय के ब्रैडमैन है सचिन: स्टीव वॉ

हमारे समय के ब्रैडमैन है सचिन: स्टीव वॉ

सचिन तेंदुलकर अब जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर में 20 बरस पूरे करने के साथ ही एक और उपलब्धि हासिल करने से एक दिन दूर हैं तब दुनियाभर के महान खिलाड़ियों ने उनकी तारीफों के पुल बांधे और आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने तो इस मास्टर बल्लेबाज को हमारे समय का ब्रैड़मैन करार दिया।

तेंदुलकर के एक और मील का पत्थर हासिल करने से एक दिन पहले कई दिग्गज बल्लेबाजों ने उनके साथ खेलने के लम्हें को याद किया। वॉ ने इस भारतीय बल्लेबाज की तारीफ करते हुए कहा, मैंने सचिन को अंतिम बार पिछले हफ्ते बल्लेबाजी करते हुए देखा था जब उन्हें 175 रन की आकर्षक पारी खेली थी और एक बार फिर मुझे ऐसा लगा कि मैं ऐसे खिलाड़ी को देख रहा हूं जो सौ साल में एक बार पैदा होता है। ऐसा कहा जा सकता है कि वह हमारे समय का ब्रैड़मैन है और मैं उसके खिलाफ काफी क्रिकेट खेलकर सम्मानित महसूस करता हूं।

आक्रामक कप्तान माने जाने वाले वॉ ने कहा कि तेंदुलकर जब भी क्रीज पर उतरते थे तो उन्हें भी अपने क्षेत्ररक्षकों को सही जगह पर खड़ा करने के बुरे सपने से गुजरना पड़ता था। अपनी मानसिक दृढ़ता के लिए मशहूर रहे वॉ ने कहा कि तेंदुलकर के मामले में कोई रणनीति कारगर साबित नहीं होती थी।

उन्होंने कहा, अपने दिन सचिन बहुत जल्दी मैच आपकी नाक के नीचे से अपने पक्ष में खींचकर ले जा सकता है। क्षेत्ररक्षकों के बीच से जगह ढूंढने की उसकी काबिलियत, विकेटों के बीच दौड़ और विकेट पर उसकी मौजूदगी की विरोधी टीम को परेशान करने के लिए काफी है।

वॉ ने कहा, सचिन बहुत कम ही शाब्दिक जंग में उलझता है और हमें भी जल्द ही महसूस हो गया कि छींटाकशी करने से उसकी एकाग्रता और दृढ़ता मजबूत ही होती है। इसमें हैरानी की कोई बात नहीं थी कि इसके बाद सबसे अधिक बोलने वाले कुछ आस्ट्रेलियाई भी सचिन के क्रीज पर उतरने के दौरान शांत रहते थे।

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज विवियन रिचडर्स ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में तेंदुलकर से बेहतर आदर्श बहुत कम हैं। रिचडर्स ने कहा, जब वह पूरी लय में होता है तो वह काफी खतरनाक दिखता है। मुझे उसकी बल्लेबाजी में अपनी झलक नजर आती है।

तेंदुलकर और ब्रायन लारा की तुलना करते हुए रिचडर्स ने कहा, अगर मुझे ब्रायन और सचिन के बीच अंतर करना पड़े तो वह होगा कि सचिन अधिक प्रतिबद्ध है। टीम के प्रति उसके समर्पण में निरंतरता है। इसके अलावा सचिन इन दोनों के बीच अधिक अनुशासित है और यही कारण है कि वह 20 साल के अंतरराष्ट्रीय कैरियर के बाद भी खेल रहा है।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान ने कहा कि जब खेल पर एकाग्रता का सवाल आता है तो तेंदुलकर, इंजमाम उल हक जैसे अपने समकक्षों से कहीं आगे है। इमरान ने कहा, वर्षों से सचिन के प्रदर्शन में निरंतरता है और किसी के भी मुकाबले में उसके नाम पर अधिक रिकार्ड दर्ज हैं। उसकी प्रतिभा और विविधता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता यही कारण है कि यह सवाल सालता रहता है कि उसने अपनी टीम के लिए अधिक मैच क्यों नहीं जीते।

उन्होंने कहा, वह कई बार अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत के करीब ले गया और फिर आउट हो गया। अगर सचिन किसी क्षेत्र में अपने समकक्षों से बेहतर है तो वह एकाग्रता है। इंजमाम उल हक संभवत: अधिक प्रतिभावान थे लेकिन सचिन अपने समर्पण और एकाग्रता के कारण अधिक सफल रहे।

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