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सही पैमाना इंश्योरेंस का

अगर आप इंश्योरेंस की खरीदारी बिना किसी बड़े मकसद या पर्याप्त जानकारी के करते हैं तो संभव है कि आपको कवरेज कम मिलें और आपको प्रीमियम ज्यादा अदा करना पड़े। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप अपनी जिंदगी की कीमत समझों और ये जानें कि आपको कितने इंश्योरेंस की जरूरत है। इस बारे में जानकारी दे रहे हैं ध्रुव अग्रवाल और कार्तिक वर्मा

क्या आप अपनी जिदंगी का मूल्य जानते हैं? क्या आप सिर्फ इंश्योरेंस की खरीदारी वर्ष के अंत में टैक्स सेविंग के लिहाज से करते हैं? अगर आपके पास पहले सवाल का जवाब नहीं है तो संभवत: आपके पास पर्याप्त लाइफ इंश्योरेंस कवरेज नहीं है और अगर दूसरे प्रश्न का उत्तर हां है तो फिर आप एक बड़ी गलती कर रहे हैं। एक बात गांठ बांधकर रख लीजिए कि इंश्योरेंस एक प्रोटेक्शन इंश्योरेंस इंस्ट्रूमेंट है और यह आपकी टैक्स बचाने में मदद करता है, यह इसका अतिरिक्त लाभ है। अगर आप इंश्योरेंस की खरीदारी बिना किसी बड़े मकसद या पर्याप्त जानकारी के बिना करते हैं तो संभव है कि आपको कवरेज कम मिले और आपको प्रीमियम ज्यादा अदा करना पड़े।
आपको कितने की जरूरत है?
इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दिया जाने वाला अमाउंट इतना हो कि यह आपके आश्रितों की सारी जिम्मेदारी पूरी करता है यानी वह अपने बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो। आसान अंकगणित के द्वारा आप इस बात का पता लगा सकते हैं कि आपको कितनी जरूरत है और आपकी मौजूदा आर्थिक जिम्मेदारियां क्या हैं। इस अमाउंट को ह्यूमन लाइफ वैल्यू कहा जाता है। यह अमाउंट आपके माता-पिता, पत्नी, बच्चों और अन्य आश्रितों के साथ
आपकी मौजूदा आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। एक बार आपको इसकी वैल्यू (बॉक्स में दी गई) मालूम चल गई तब आप इस बात का पता लगा सकते हैं कि आपको कितने
लाइफ इंश्योरेंस की आवश्यकता है या आपके पास पर्याप्त कवर हैं भी या नहीं। अगर आप पर कोई आर्थिक रूप से आश्रित नहीं है तो सामान्यत: आपको लाइफ इंश्योरेंस कवर की जरूरत नहीं होती है। यह बिलकुल उसी तरह है जैसे आपके स्कूल जाने
वाले बच्चों को लाइफ इंश्योरेंस खरीदने की जरूरत नहीं होती क्योंकि न तो उनकी आय होती है और न ही उस पर कोई होता है।
इंडस्ट्री के नियम के मुताबिक आपको मौजूदा वेतन से पांच से दस गुना ज्यादा इंश्योरेंस की जरूरत है। ह्यूमन लाइफ वैल्यू की गणना कर आप सही आंकड़ों का अंदाजा लगा सकते हैं। आपके द्वारा खरीदा जाने वाला इंश्योरेंस, मौजूदा वेतनमान के अनुपात में होना चाहिए और हां, जरूरी बात ये कि यह आपकी आर्थिक जरूरतों और आय पर काफी निर्भर करता है। 
जरूरत से कम न कराएं इंश्योरेंस
जरूरत से कम इंश्योरेंस कराना भारत में आम है क्योंकि सामान्यत: लोग इंश्योरेंस का फैसला टैक्स की जरूरत को ध्यान में रखकर लेते हैं न कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से।
उदाहरण के तौर पर, 31 वर्षीय अमित सिंह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वह शादी-शुदा हैं, उनकी चार साल की पुत्री है। वह परिवार में कमाई के एकमात्र स्रोत हैं। उनके इस परिवार में उनके माता-पिता भी शमिल हैं। सिंह की सालाना आय दस लाख रुपए है जिसमें से एक लाख रुपए उन्होंने बैंक में जमा कर रखे हैं और चार लाख अन्य बचतों और निवेश में। उनकी निम्न जिम्मेदारियां और दायित्व हैं।
ल्ल पुत्री की शिक्षा (स्कूल और कॉलेज) का फाइनेंस- 30 लाख रुपए
ल्ल होम लोन वापस करना - 25 लाख रुपए
ल्ल कार लोन की वापसी - 5 लाख रुपए
ल्ल परिवार के घर के खर्च और रोजमर्रा के खर्चो के लिए - 30 लाख रुपए
ल्ल पेरेंट्स के लिए हेल्थ केयर सपोर्ट - 10 लाख रुपए
अमित सिंह का कुल आर्थिक दायित्व एक करोड़ रुपए है और यही ह्यूमन लाइफ वैल्यू है। अगर उनके साथ कुछ होता है तो उनके परिवार को एक करोड़ रुपए मिलेगा जो कि उनके भविष्य के खर्च के लिए और शेष बचे खर्च को चुकाने के काम आएगा।
चौबीस वर्ष की आयु में वर्कफोर्स ज्वॉइन करने के बाद सिंह ने टैक्स बचाने के लिए प्रत्येक वर्ष एक इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी। उनके पास सात पॉलिसी हैं। इन पॉलिसी का सम एश्योर्ड 10 लाख रुपए है। सिंह वर्तमान में इन पॉलिसी का प्रीमियम एक लाख रुपए देते हैं। सात पॉलिसियों के होने पर अमित ये मानते हैं कि उनके पास पर्याप्त इंश्योरेंस और सुरक्षा मौजूद है। सात पॉलिसी होने के बावजूद अमित के पास पर्याप्त इंश्योरेंस नहीं है। अगर उनके साथ कुछ दुर्घटना घट जाती है तो उनका परिवार अपने लक्ष्य एक करोड़ को नहीं प्राप्त कर सकेगा यानी एक करोड़ की बजाए उसे 85 लाख रुपए ही मिलेंगे।
उन्होंने इंश्योरेंस टैक्स बचाने के मकसद से खरीदा है, ऐसे में उन्होंने कवरेज के बारे में कुछ सोचा ही नहीं। अगर वह इस बात से वाकिफ होते, तो उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एक करोड़ का कवरेज कराया होता। वह इस लक्ष्य को एक टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद कर, जिसका प्रीमियम 50,000 रुपए वार्षिक है, से उन्हें एक करोड़ रुपए का कवरेज मिलेगा।

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