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नो कट पावर जोन का सपना होगा सच

 नो कट पावन जोन कहलाने शहर में अब बिजली की किल्लत नहीं ङोलनी होगी। शहर के पावर सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए 400 केवी के करंट का झटका जल्द मिलेगा। प्रदेश का दूसरे और शहर का पहले बिजलीघर का खिताब पाने वाला यह बिजलीघर सेक्टर-123 में बनेगा। अथारिटी ने इसके लिए जमीन दे दी है और इसका साइट सर्वे भी पूरा कर पावर कारपोरेशन ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को ग्लोबल टेंडर के लिए भेज दी है।


एनसीआर में जमीन की कमी के चलते सेक्टर-137 में जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सिस्टम) तकनीक से बिजलीघर बनाया जाएगा। इस तकनीक से बनने वाले बिजलीघर के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं पड़ती है। जहां कई एकड़ में 400 केवी+200 केवी के बिजलीघर बनता था। वहीं जीआईएस लगभग पचास हजार स्क्वायर मीटर में बन कर तैयार हो जाएगा। इंदिरापुरम के बाद प्रदेश का दूसरा और शहर का पहला बिजलीघ्रर होगा। जीआईएस तकनीक से बनने वाला बिजलीघर जगह तो बचाता ही है। इसमें खराबी भी अन्य बिजलीघरों की अपेक्षा कम होती है। जिससे शहर को निर्बाध बिजली मिलती रहती है। इस तकनीक में बाहर सिर्फ लाइन का तार निकलता है। बाकी सभी उपकरण कमरे के अंदर होते हैं। जिनमें वैक्यूम बना कर उनको मौसम के असर से बचाया जाता है।

जिससे ब्रेकडाउन की स्थिति ही पैदा नहीं होती। एसई(ट्रांसमिशन) आर.पी.सिंह ने बताया कि सेक्टर-137 में जमीन की साइट का कारपोरेशन मुख्यालय से आई टीम ने सर्वे कर लिया है। अथारिटी द्वारा जमीन देने के बाद इसकी ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सिंह का कहना है कि देश में तो इस तरह का बिजलीघर कोई कंपनी नहीं बनाती है। इसलिए ग्लोबल टेंडर कर विदेशी कंपनियों से प्रोजेक्ट मंगाया जाएगा।

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