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लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश

हौजखास पुलिस ने राहगीरों को कार में बिठाकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह का मुख्य आरोपी 50 से अधिक लूट व अपहरण की वारदातों में लिप्त रहा है। पुलिस ने इनके पास से इंडिका कार, घड़ी, कैमरा और देसी कट्टा बरामद किया है।


पुलिस के मुताबिक गत 23 अक्तूबर को शिकायतकर्ता विनोद तिवारी रात साढ़े आठ बजे एम्स बस स्टैण्ड पर फरीदाबाद जाने के लिए खड़ा था। तभी एक इंडिका कार वहां रूकी और उसे दस रुपये में फरीदाबाद छोड़ने के लिए बैठा लिया गया। कुछ दूर जाने पर कार की पिछली सीट पर बैठे हुए दो युवकों ने विनोद को मारपीट कर उससे लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल कैमरा, घड़ी, चेक बुक , आभूषण और नकदी लूट ली। फिर उसे आईटीओ के पास कार से धक्का देकर बदमाश फरार हो गए। इस संबंध में मामला दर्ज कर हौजखास के एसएचओ अतुल कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक गिरोह एम्स के आसपास सवारियों को कार से दस रुपये में नोएडा और फरीदाबाद छोड़ने का लालच देकर लूटपाट कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पहले चेतन गुप्ता (19) और उसकी निशानदेही पर गोपाल (28) व अंशु (21) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फरार चल रहे गिरोह एक अन्य सदस्य शरीफ की तलाश कर रही है।


पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह गाजियाबाद, नोएडा, डीएनडी फ्लाइओवर समेत विभिन्न इलाकों में इस तरह से राहगीरों को बिठाकर 50 से अधिक वारदातें कर चुका है। लुटेरे कार में सवार व्यक्ति को अवैध हथियार दिखाकर उसका एटीएम कोड पूछकर रास्ते में  रुपये भी निकाल लेते थे और फिर उसे कार से धक्का दे देते थे। गोपाल आसिफ, शेखर शर्मा और इमरान से जुड़ा था। उन्होंने कुछ समय पूर्व नोएडा में एक सीईओ का अपहरण किया था जिन्हें पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

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