DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गुरुचरण किस्कू चले साधु की राह

झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के साले गुरुचरण किस्कू ने ईचागढ़ विधानसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुधीर महतो के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक फिर वही माहौल तैयार कर दिया, जो पिछले लोकसभा में उनके दिवंगत दुर्गा सोरेन ने गोडडा में यूपीए प्रत्याशी फुरकान अंसारी के खिलाफ दावेदारी कर तैयार कर दी थी।

इस बार किस्कू के बागी होने का असर पूरे राज्य में हो न हो कोल्हान की उन 14 सीटों पर जरूर पड़ेगा जहां महतो-माङी समन्वय से झामुमो अपनी सीटें जीतती रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में दुर्गा के फुरकान के खिलाफ बागी होने से अल्पसंख्यक मत ऐन मौके पर झामुमो से विलग हो गए थे। इससे जमशेदपुर समेत हजारीबाग और राजमहल की सीट झामुमो के हाथ से निकल गई और गोड्डा में भी न फुरकान जीते न दुर्गा भाजपा प्रत्याशी को जीत मिल गई। इस बार गुरूचरण किस्कू की बगावत ईचागढ़ विरोधियों के लिए रास्ता आसान कर रही है तो सुधीर महतो के लिए एक बारगी बड़ी चुनौती भी खड़ी कर रही है।

इसका अंदाजा सुधीर को नहीं था। पहले ही जुगसलाई और पोटका के निर्वतमान विधायक पार्टी में बगावत का दंश ङोल रहे हैं अब झामुमो के सबसे सशक्त गढ़ों मे से एक ईचागढ़ में फूट ने पड़ोस की सीट यानी कोल्हान प्रभारी चंपाई सोरेन की कुर्सी के पांव भी हिला दिए हैं। सरायकेला और ईचागढ़ में महतो-माझी समन्वय से ही झामुमो जीत दर्ज करती रही है। ऐसे में यदि माझी वोट ईचागढ़ में बागी किस्कू के साथ जाते हैं तो सरायकेला में भी महतो वोट का ध्रुवीकरण विरोधी दलों की ओर होगा। झामुमो को पूर्वी और पश्चिम जमशेदपुर विधानसभा सीट से भी बगावत से दो-चार होना पड़ रहा है। हालांकि ये दोनों सीटे फिलहाल भाजपा के पास है लेकिन ईचागढ़, पोटका और जुगसलाई सीट पर विधायकी गंवाने का खतरा झामुमो के सिर मंडराने लगा है।

झामुमो की आस कोल्हान के सबसे पुराने जिला पश्चिम सिहंभूम से ही बंधी है जहां चक्रधरपुर और मनोहरपुर में अपनी जीत सुनिश्चित मानने के मझगांव सीट फिर हासिल करने की भी उम्मीद बनी हुई है। चाईबासा सीट से पार्टी के बागी पिछली बार दूसरे स्थान पर थे, इस बार उसी बागी प्रत्याशी दीपक बिरूवा को टिकट दिया गया है और उम्मीद की जा रही है कि यह सीट झामुमो हासिल कर ले। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पारंपरिक सीट पर भी जोरदार दावेदारी की तैयारी की जा रही, लेकिन ईचागढ़ समेत कोल्हान की पांच सीटों पर बगावती तेवर ने आलाकमान के भी कान खड़ कर दिए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गुरुचरण किस्कू चले साधु की राह