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डेट ऑफ बर्थ की अनिवार्यता बनी बनी आफत

स्कूलों में नर्सरी एडमिशन शुरु होते ही अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एडमिशन के लिए स्कूलों में डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य है। ऐसे में जिन अभिभावकों ने जन्म के समय बच्चों का बर्थ सर्टिफिकेट नहीं बनवाया है, उन्हें अब इसे बनाने के लिएं पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। बर्थ सर्टिफिकेट न बनने की सूरत में अभिभावकों को शपथ पत्र से काम चलाना पड़ रहा है। अधिकतर स्कूलों में शपथ पत्र भी मान्य नहीं। इसके चलते अभिभावक अपने नौनिहाल का डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।


इनदिनों शहर के अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी एडमिशन चल रहे हैं। इसके लिए छात्रों और अभिभावकों के साक्षात्कार लिए जा रहे हैं। इस दौरान अभिभावकों को अपने नौनिहाल का डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट, रेजिडेंस प्रुफ और बच्चों की फोटोग्राफ लेकर जाना है। कुछेक स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन के समय ही डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया था। यह उपलब्ध न होने पर पैरेंट्स को यह सर्टिफिकेट एडमिशन प्रक्रिया के समय स्कूल में उपलब्ध कराना है। अभिभावक नर्सरी दाखिले को लेकर चिंतित हैं। खासकर ऐसे अभिभावक जिन्होंने जन्म के समय अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनाया। अब उनके लिए डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट बनाना मुसीबत का सबब बना हुआ है।


सेक्टर-21ए के सचिन भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे का नर्सरी रजिस्ट्रेशन तीन-चार स्कूलों में कराया है। सभी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है। उन्होंने जन्म के समय अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनाया था। अब नर्सरी दाखिले के समय उन्हें बर्थ सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ रही है। लेकिन उन्हें बर्थ सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है। स्कूलों में दाखिले का समय बीता जा रहा है। इसके लिए वह कई बार नगर-निगम के चक्कर लगा चुके हैं। बर्थ सर्टिफिकेट न बनने पर अब वह उन्होंने कोर्ट से एफिडेविट बनाया है। सेक्टर-21ए के एक स्कूल में यह एफिडेविट भी मान्य नहीं है। ऐसे में उनकी मुश्किल बढ़ गई है। सचिन की तरह सेक्टर-16 के शशि मलिक डेट ऑफ बर्थ के सर्टिफिकेट को लेकर सरकारी दफ्तर के चक्कर काट कर परेशान हैं।
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बर्थ सर्टिफिकेट बनाने का तरीका
बच्चों के जन्म के समय या इसके बीस दिन बाद नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई करना पड़ता है। बच्चों का जन्म स्थान और जन्म समय का रिकोर्ड दफ्तर में जमा कराना पड़ता है। इसके एक हफ्ते बाद जन्म प्रमाण पत्र हासिल किया जाता है। प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों से सीधे नगर निगम में जाती है रिपोर्ट।
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एफिडेविट से चल रहा काम
जन्म के समय बर्थ सर्टिफिकेट न बनाने पर लोग एफिडेविट से काम चला लेते है। कोर्ट से एफिडेविट तैयार कर इस पर एसडीएम के हस्ताक्षर होते हैं। एफिडेविट के बारे में जांच-पड़ताल करने के बाद एफिडेविट को मान्य माना जाता है। 
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स्कूलों में नर्सरी दाखिले की तिथि
- रेयान इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-21  -  30नवंबर
- ग्रेंड कोलंबस स्कूल, सेक्टर-16      - 30 नवंबर
- विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल, सेक्टर-15  - 15 नवंबर
- मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-14 - 30 नवंबर
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रेयान इंटरन नेशनल स्कूल, प्रिंसीपल कपिला इंदु: स्कूल में नर्सरी दाखिले के लिए डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है। एफिडेविट को स्कूल ने मान्य नहीं किया है। इसके आधार पर छात्रों को दाखिला नहीं दिया जा सकता।
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ग्रेंड कोलंबस इंटरनेशनल स्कूल, डॉयरेक्टर सुरेश चंद: डेट ऑफ बर्थ उपलब्ध न होने पर अभिभावकों से एफिडेविट लिया जा रहा है। ताकि उन्हें अपने बच्चों का दाखिला कराने में कोई परेशानी न आए।

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