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और आमिर को गाना पड़ा, हाय- हाय ये मजबूरी

और आमिर को गाना पड़ा, हाय- हाय ये मजबूरी

आमिर खान का हाल इन दिनों फिल्म रोटी, कपड़ा और मकान की जीनत अमान की तरह हो गया है। जिस तरह जीनत अमान ने मनोज कुमार की जुदाई में हाय- हाय ये मजबूरी गाना गाकर अपनी मजबूरी का अहसास दिलाया था, उसी तरह इन दिनों आमिर भी पत्नी किरण की जुदाई में कुछ यही बोल गुनगुना रहे हैं।

आमिर ने अपने ब्लॉग पर लिखा है मैं अपनी खिड़की पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते हुए बारिश के मजे ले रहा हूं, क्या बढ़िया दिन है। आमिर ने लिखा है काश किरण मेरे पास यहां होती़ लेकिन वह तो इन दिनों अपनी फिल्म के सिलसिले में पंचगनी में है। मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं रोटी कपड़ा और मकान का वही गाना गाउं, जो जीनत अमान ने गाया था।

आमिर ने लिखा है स्थिति ऐसी थी कि बारिश शुरू हो जाती है और मनोज कुमार को अपने काम पर जाना पड़ता है। इसके बाद जीनत गातीं हैं, हाय- हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी, मुझे पल- पल ये तड़पाए, तेरी दो टकियां दी नौकरी में मेरा लाखों का सावन जाए। आमिर ने लिखा है मैं भी तो यही गा रहा हूं हाय- हाय ये मजबूरी।

 

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