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अमेरिका में चार मस्जिदों को जब्त करने की तैयारी

अमेरिका में चार मस्जिदों को जब्त करने की तैयारी

अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी सरकार से संबंध होने के संदेह के चलते मैनहटन में चार मस्जिदों और एक मुस्लिम गैरसरकारी संगठन की 36 मंजिला इमारत को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है।

अमेरिका के इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में सम्पत्ति जब्त करने की सबसे बड़ी कार्रवाईयों में शामिल इस प्रक्रिया के तहत अभियोजकों ने फेडरल अदालत में एक कथित मुखौटा कम्पनी अलावी फाउंडेशन की 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा की संपत्ति को जब्त करने के लिए एक शिकायत दाखिल की है।

इस्लामिक एजूकेशन सेंटर ऑफ ग्रेटर हयूस्टन, न्यूयॉर्क, मेरीलैंड और कैलीफोर्निया में स्थित इस्लामी केन्द्रों की संपत्ति, वर्जीनिया में 100 एकड़ से ज्यादा जमीन तथा न्यूयॉर्क में पियागेट बिल्डिंग नाम की 36 मंजिला इमारत को जब्त किया जाना है।

अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा ने एक बयान में कहा संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत समेत ईरानी अधिकारी पिछले दो दशक से अलावी फाउंडेशन को संचालित कर रहे हैं। यह अमेरिकी कानून के खिलाफ है।

भरारा ने कहा कि दायर की गई विस्तृत शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अलवी फाउंडेशन ईरान सरकार का मुखौटा संगठन है। न्यूयॉर्क के अभियोजकों के मुताबिक अलवी फाउंडेशन असा नाम की कंपनी के जरिए ईरान में धन भेज रहा है। यह पैसा ईरान सरकार के बैंक को भेजा जाता है। इस बैंक के ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े होने का संदेह है।

बहरहाल, जब्त करने की प्रक्रिया जारी रहने तक ये मस्जिदें और इमारतें खुली रहेंगी। ह्यूस्टन इस्लामिक एजूकेशन सेंटर के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फहीम काजमी ने कहा कि सेंटर ने यह इमारत अलवी फाउंडेशन से पट्टे पर ली थी। इसके अलावा सेंटर का फाउंडेशन से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस्लामिक एजूकेशन सेंटर एक गैर सरकारी और स्वतंत्र संगठन है। इसका किसी और संगठन से कोई संबंध नहीं है, हम पूरी तरह स्वतंत्र हैं। शिया समुदाय की इन मस्जिदों को जब्त करने की कार्रवाई से अमेरिकी सरकार और देश में रह रहे मुसलमानों के बीच तल्खी पैदा हो सकती है। उनमें से अनेक को पिछले हफ्ते फोर्ट हुड सैन्य ठिकाने में हुई गोलीबारी के प्रति बदले की कार्रवाई का डर है। इस गोलीबारी के लिये मुस्लिम अमेरिकी मेजर को जिम्मेदार माना जा रहा है।

अलवी फाउंडेशन ने अपनी वेबसाइट पर खुद को एक बगैर वित्तीय लाभ वाला ऐसा निजी संगठन बताया है, जिसका उद्देश्य इस्लामी संस्कृति, फारसी भाषा, साहित्य तथा सभ्यता को बढ़ावा देना है।


वेबसाइट के मुताबिक यह संगठन फारसी स्कूलों को वित्तीय मदद के साथ-साथ इस्लामी संगठनों को कर्ज भी देता है। इसके अलावा वह इस्लामी किताबों का वितरण, आपदा राहत कार्य तथा छात्रों को ऋण लेने में मदद भी करता है।

पिछले साल दायर किये गए मुकदमे में अभियोजकों ने मौजूदा कार्रवाई की जद में आई इमारत में असा कारपोरेशन की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी को जब्त करने के अपने इरादे का जिक्र किया था। मौजूदा मामला इस इमारत में अलवी फाउंडेशन के 60 प्रतिशत हिस्से तथा मस्जिदों समेत उसकी अन्य सम्पत्ति को जब्त करने का है।

संबंधित दस्तावेजों को नष्ट करने की कोशिश के आरोप में पिछले साल गिरफ्तार किए गए अलवी फाउंडेशन के अध्यक्ष फारशी जेहादी ने आरोपों से इनकार किया है। नमाज से पहले अनेक आक्रोशित लोग ह्यूस्टन सेंटर के बाहर एकत्र हो गए। उन्होंने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ये क्या हो रहा है।

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