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हंगामेदार हो सकता है संसद का शीतकालीन सत्र

हंगामेदार हो सकता है संसद का शीतकालीन सत्र

संसद के आगामी सत्र में महंगाई, माओवादी हिंसा और गन्ना उत्पादकों सहित किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों को उठाए जाने की संभावना है और सत्र हंगामेदार हो सकता है।

शीतकालीन सत्र शुरू होने के करीब एक सप्ताह पहले मीरा कुमार ने सदन सुचारू ढंग से चले इसके लिए उपाय तलाशने के उद्देश्य से आज यहां सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी। करीब एक महीने चलने वाला संसद का यह शीतकालीन सत्र 19 नवम्बर से शुरू हो रहा है और इसके 2। दिसम्बर तक चलने की उम्मीद है।

बैठक के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हम हंगामेदार सत्र की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने साथ ही मजाकिया लहजे में कहा अन्यथा यह बहुत ही उबाऊ हो जाएगा। उनसे संवाददाताओं ने यह पूछा था कि विपक्षी दलों द्वारा मंहगाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाए जाने के मद्देनजर क्या उन्हें सत्र के हंगामेदार होने की आशंका है।

मीरा कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का चरित्र ऐसा है कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न तरह के स्टैंड अपनाए जाते हैं और सदन में उन पर चर्चा होती है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सभी राजनीतिक दलों ने भरोसा दिलाया है कि सदन के सुचारू ढंग से संचालन में उन्हें उनका पूरा सहयोग मिलेगा। कुछ सदस्य यह भी चाहते थे कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संसद की साल में कम से कम सौ दिन बैठक हो।

संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार इसके लिए तैयार है लेकिन इसके लिए राजनीतिक दल कार्यक्रम तैयार करने में सरकार की मदद करें।

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