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मुसलमान क्यों न गाएं वंदेमातरम्?

‘मुसलमान क्यों न गाएं वंदेमातरम’ शीर्षक लेख पढ़कर इस पर बेवजह हो रही राजनीति पर आश्चर्य हुआ। यह सही है वंदेमातरम को अस्तित्व में आने से पहले भी देश और लोगों में देश प्रेम था। फतवे को देशद्रोह से जोड़ना सही नहीं है, लेकिन फतवा भी सही नहीं है। यह भले ही कुछ लोगों का निजी विचार हो सकता है, पर यह पूरे कौम की भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। देश के हरेक मुसलमान को अपने राष्ट्रीय गीत और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आस्था और गर्व है। इसके लिए किसी से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है।
आलम मोजाहिद, रा. बा. व. मा. वि., एंड्रयुजगंज, नई दिल्ली
हुकूमत को ललकार
जहां देखो हुकूमत को चुनौती मिल रही है। कोई जहाज छूटने के एवज में बम की अफवाह फैला रहा है, कोई अपने स्वार्थ के लिए ट्रेन की चेन खींच रहा है तो कोई भारतीय भूमि को हड़पने की फिराक में है। जहां देखो हुकूमत को चुनौतियां ही मिल रही हैं, फिर भी हुकूमत शांत है। चुनौतियों को स्वीकार क्यों नहीं करती।
राजेन्द्र कुमार सिंह,  सेक्टर-15, रोहिणी, दिल्ली
संविधान का उल्लंघन
भारतीय संविधान ने सभी भारतीय नागरिकों को यह अधिकार दिया है कि वे किसी भी स्थान पर रह कर किसी भी प्रकार का कार्य कर सकते हैं। फिर किसी राज्य के मुख्यमंत्री या किसी पार्टी के नेता को क्या अधिकार है कि वह किसी राज्य के नागरिकों को किसी राज्य में रहने व वहां कार्य करने के लिए कैसे मना कर सकते हैं। बिहार के निवासी कड़ी मेहनत करके किसी नौकरी को प्राप्त करते हैं तो किसी को जलन क्यों होती है।
उषा मांझी, पुष्प विहार, नई दिल्ली

बाघ को भोजन की कमी
आये दिन बाघों द्वारा मनुष्यों पर हमले की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनती रहती हैं। मामला गंभीर है। यहां प्रश्न उठता है आखिर बाघों के स्वभाव में यह परिवर्तन क्यों आया? कहीं ऐसा तो नहीं कि बाघ भुखमरी का शिकार हो रहा हो। अगर यही सत्य है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
खुशहाल सिंह, जखोली
जैसी करनी, वैसी भरनी

पाकिस्तान में हो रहे आतंकी हमले उसी की करनी का फल है। दशकों से पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवादियों का इस्तेमाल कर नुकसान पहुंचाता आया है। यह जगजाहिर है, लेकिन भारत के सच को न मानने वाला पाक आज स्वयं ही आतंकवाद से परेशान होने लगा है। भारत में हमलों के जिम्मेदार आतंकियों के बारे में तो पाक हमेशा सुबूत मांगता रहा है, लेकिन जब स्वयं उनके घर में ही हमले हो रहे हैं, तो अब उसे भी विश्व के अन्य देशों को सुबूत देने चाहिए। अगर वह आतंक के खिलाफ लड़ाई की बात करता है, तो सबसे पहले उसे भारत के मुंबई धमाकों में शामिल लोगों को कड़ी सजा देनी होगी।
चन्द्रशेखर पैन्यूली, श्रीनगर
महंगाई

महंगाई में क्या खाएंगे
कैसे सफर कटेगी?
कर्ज और बढ़ती जाएगी
देश की आय घटेगी।
माधवी, शालीमार गार्डन, उत्तर प्रदेश

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