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लोकसभा सचिवालय ने मांगा कोड़ा कांड का ब्योरा

कोड़ा कांड की गूंज दिल्ली में भी सुनाई पड़ने लगी है। चार हजार करोड़ के इस महाघोटाले को लोकसभा सचिवालय ने भी गंभीर माना है। यही कारण है कि लोकसभा की स्टैंडिंग कमेटी ऑन फाइनांस ने कोड़ा कांड की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सचिवालय के संयुक्त सचिव ने आयकर विभाग, रांची की अनुसंधान इकाई को भेजे पत्र में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री सह सांसद मधु कोड़ा ने देश-विदेश में कितनी अवैध संपत्ति अजिर्त की है, उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने 31 अक्तूबर को कोड़ा ग्रुप के 76 ठिकानों पर छापामारी कर हजारों महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये थे। इन्हें खंगालने पर पता चला कि ग्रुप के लोगों ने देश-विदेश में लगभग चार हजार करोड़ रुपए की संपत्ति अजिर्त की है। पूछताछ के क्रम में अब तक 250 करोड़ की अवैध संपत्ति के बारे में अभियुक्तों ने स्वीकार भी कर लिया है। हवाला कारोबार को क्रैक करने में भी काफी हद तक सफलता मिल चुकी है।
 
इधर, मधु कोड़ा से आयकर विभाग की टीम ने छह दिनों के बाद पुनः पूछताछ शुरू की है। बीमारी के बाद तीन नवंबर को कोड़ा अपोलो अस्पताल में भर्ती हो गए थे। रविवार को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। कमजोरी की शिकायत करने पर आयकर विभाग ने सोमवार को उन्हें आराम करने के लिए छोड़ दिया। मंगलवार को अपर आयकर निदेशक अजीत कुमार श्रीवास्तव ने कोड़ा से हालचाल पूछा। इसके बाद पुनः पूछताछ शुरू करने के लिए अफसरों को उनके आवास भेजा। आयकर अफसरों ने कोड़ा के लिए दजर्नों सवाल तैयार किए हैं, जिनका बारी-बारी से जवाब मांगा जा रहा है।

प्रवर्तन निदेशालय के सम्मन पर बसंत भट्टाचार्य मंगलवार को दिल्ली चले गए। अब प्रवर्तन के अफसर दिल्ली में उनसे पूछताछ करेंगे। यहां खान विभाग की फाइलों और टेंडर घोटाला के संबंध में बसंत ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उसने यह भी कहा कि विभाग में घूस के बगैर फाइलें नहीं खिसकती थी।

पूरे मामले के सूत्रधार माने जा रहे विनोद सिन्हा के भाई विकास सिन्हा से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने दिल्ली में जब सख्ती से पूछताछ शुरू की, तो वह टूट गया। विकास घोटाले का राज खोलने लगा है। इसकी जानकारी मिलने पर रांची से सहायक निदेशक स्तर के एक अधिकारी को सेवाविमान से दिल्ली भेजा गया। अब इडी के साथ आयकर के अधिकारी भी विकास से दिल्ली में पूछताछ करेंगे। विकास ने बताया कि विनोद और संजय कैसे अवैध रकम अर्जित करते थे और उसका निवेश कहां-कहां किया गया है।

मुंबई में हवाला कारोबारियों से तीन एजेंसियां आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआइ) पूछताछ कर रही है। हवाला क्रैक करने के भी हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। इसमें जांच एजेंसियों को काफी हद तक सफलता भी मिली है। वहां मनोज पुनमिया, अरविंद व्यास और यूनियन बैंक की झावेरी शाखा के ब्रांच मैनेजर से सोमवार से ही पूछताछ चल रही है। मंगलवार को हवाला कारोबारी महेंद्र पटोरिया भी इसमें शामिल हो गए।

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