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यूपी में सुरक्षित नहीं हैं तेल के डिपो

जयपुर पेट्रोलियम डिपो अग्निकांड का यूपी सरकार पर खासा असर पड़ा है। इस अग्निकांड से सबक लेते हुए यूपी सरकार ने प्रदेश में तेल भंडारणों के आस-पास से अवैध ढाबे, दुकानें तथा झुग्गी झोंपड़ियों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। उच्च स्तरीय सूत्रों ने बताया कि ये निर्देश राज्य को सभी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही यह हिदायत भी दी गई है कि ये अवैध कब्जे दोबारा स्थापित नहीं होने पाएँ।

दरअसल भारतीय तेल निगम (आईओसी) ने यूपी सरकार को बताया है कि समय-समय पर संबंधित आयल कंपनियों के प्राधिकारियों द्वारा जिलों के आला अफसरों से अनुरोध किए जाने के बावजूद तेल डिपो की पर्याप्त सुरक्षा के प्रबंध करने को प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। पेट्रोलियम उत्पाद की पर्याप्त सुरक्षा न होने पर जहाँ उत्पादकों के चोरी और दुरुपयोग की संभावना बनी रहती है, वहीं असुरक्षा की स्थिति में आग लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

नुकसान के साथ ही जनहानि की भी संभावना रहती है। ऐसा ही जयपुर में हुआ।  इसके मद्देनजर राज्य सरकार की ओर से भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि तेल भंडारण स्थल के आस-पास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए ताकि किसी दुर्घटना की संभावना न हो। तेल डिपो के इंचार्ज को जरूरत पड़ने पर या उनके अनुरोध पर पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई जाए।

शासन ने जिलाधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि पेट्रोलियम उत्पाद महत्वपूर्ण, संवेदनशील तथा ज्वलनशील होने के कारण इनका भंडारण एवं निर्गमन महत्वपूर्ण एवं सुरक्षित होना जरूरी है। शासन के संज्ञान में लाया गया है कि प्रदेश में आयल कंपनियों के तेल भंडारण के डिपो के आस-पास बड़ी संख्या में ढाबे, दुकानें तथा झुग्गी झोंपडियाँ एकत्रित हो जाने से तेल उत्पाद के भंडार एवं परिवहन असुरक्षित हो रहे हैं।

जिलाधिकारियों को उदाहरण देते हुए बताया गया है कि जनपद  शाहजहाँपुर के बंथरा  स्थित आईओसी के डिपो में अनुबंध के तहत 12 हजार लीटर डीजल ले जा रहे टैंकर का अपहरण कर डिपो से ढाई किलोमीटर की दूरी पर लारी के ड्राइवर और श्रमिक दल को गोली मार दी गई।

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