DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चीन का कागज पर दिया वीजा मान्य नहीं: सरकार

चीन का कागज पर दिया वीजा मान्य नहीं: सरकार

चीन को झिड़कते हुए भारत ने गुरुवार को यह साफ कर दिया कि पासपोर्ट से इतर पृथक कागज पर जारी किया गया कोई भी वीजा देश से बाहर यात्रा करने के लिए अवैध माना जाएगा।

विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि सरकार के यह प्रकाश में आया है कि यहां चीनी दूतावास और उसके मुंबई तथा कोलकाता स्थित वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों के कुछ वर्ग को उनके मूल निवास, जाति या पासपोर्ट जारी करने के स्थान के आधार पर (पासपोर्ट पर कागज चिपकाने की आम प्रक्रिया के बजाय) पासपोर्ट से इतर एक पृथक कागज लगाकर वीजा जारी कर रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट में स्टेपल किए इस तरह के वीजा पत्र देश से बाहर यात्रा करने के लिए वैध नहीं माने जाएंगे। यह कदम इन खबरों के मद्देनजर उठाया गया कि चीनी दूतावास ने कश्मीर के कुछ विद्यार्थियों और कारोबारियों को पासपोर्ट से इतर एक अलग कागज पर वीजा जारी किया है। हवाई अड्डे के आव्रजन अधिकारियों ने इस तरह का वीजा पाने वाले यात्रियों को देश से बाहर यात्रा करने की इजाजत नहीं दी है।

विदेश मंत्रालय ने सभी नागरिकों से कहा है कि वे किसी भी तरह की असुविधा या वित्तीय हानि से बचने के लिए यह पता लगाएं कि चीनी दूतावास या वाणिज्य दूतावास क्या उन्हें पासपोर्ट के साथ ही वीजा जारी करेगा या इसे एक अलग कागज पर देगा।

मंत्रालय ने कहा कि चीन की यात्रा करने का इरादा रखने वाले सभी भारतीय यात्रियों को यह हिदायत दी जाती है कि यात्रा संबंधी कोई भी व्यवस्था करने से पहले उन्हें चीनी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से यह पता कर लेना चाहिए कि क्या उन्हें जारी होने वाला वीजा पासपोर्ट के साथ ही चिपका होगा या फिर वह अलग कागज पर होगा। ऐसा करने से उन्हें बाद में असुविधा या वित्तीय हानि नहीं होगी।

चीनी दूतावास के अधिकारी अपने इस रुख पर कायम हैं कि अलग कागज पर वीजा देने की प्रक्रिया आम है और पिछले कुछ वर्षों से जारी है। समस्या हवाई अड्डे पर मौजूद भारतीय आव्रजन अधिकारियों की ओर से है।

चीनी दूतावास के कुछ कश्मीरियों को वीजा पासपोर्ट के साथ देने के बजाय पृथक कागज पर देने के चलन को विवाद के एक नए मोर्चे के तौर पर देखा गया जिस पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले लोगों को भी पृथक कागज पर वीजा दिया जाता था।

कश्मीर के यात्रियों के संबंध में यह कदम चीन की जम्मू-कश्मीर को भारत का अंग मानने पर सवाल उठाती कोशिश के तौर पर देखा गया है। इस घटनाक्रम से निराश भारत ने कहा था, यह हमारा विचार किया गया मत और रुख है कि भारतीय नागरिकता वाले वीजा आवेदकों के साथ उनके अधिवास या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:चीन का कागज पर दिया वीजा मान्य नहीं: सरकार