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पेट्रोलियम कम्पनी ने ही उठाया सुरक्षा का मुद्दा

हाल में जयपुर में इंडियन आयल के डिपो में लगी आग के हादसे को शायद ही लोग भूले हों। एक चिंगारी कितना विकराल रूप ले सकती है, यह सबके सामने है। जयपुर के हादसे से सबक लेते हुए अब तेल कम्पनियों ने खुद इसके लिए पहल प्रारम्भ की है। भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने इस संबंध में प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है और कहा है कि सुरक्षात्मक कार्रवाई न की गई तो एक चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है। बड़ी आबादी भी प्रभावित हो सकती है। उधर, आबादी के बीच ही 70 प्रतिशत पेट्रोल पम्प भी आम आदमी की सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं।

मेरठ शहर में आबादी के बीच आबू के मकबरा, केसरगंज के निकट बीपीसीएल की डिपो है। डिपो के उत्तर-पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा कूड़े-कचरे का ढेर लगाया जाता है। कम्पनी के अधिकारी आर.एस.थपलियाल का मानना है कि कूड़े-कचरे के ढेर में ज्वलनशील पदार्थ भी रहता है। डिपो के सामने की ओर रेलवे लाइन के चारो ओर गोबर को सूखाया जाता है। कूड़े-कचरे के ढेर और गोबर में एक चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता है। जिससे डिपो और आसपास की बड़ी आबादी की सुरक्षा प्रभावित हो जाएगी। उन्होंने गुरुवार को नगर आयुक्त और डीएम को लिखित तौर से शिकायती पत्र भेजकर सुरक्षा की उचित व्यवस्था कराने और कूड़े-कचरे के ढेर को हटाने की गुहार लगाई है।

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