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तीन वोटर-आईडी, पर आदमी एक ही

नाम अलग-अलग पर वोटर-आईडी कार्ड पर तस्वीर एक ही आदमी की। यह आदमी है जहानाबाद का शुकुलचक निवासी सुबोध सिंह। हालांकि गया में सुबोध ने सुभाष सिंह के नाम से मकान लेकर वहां विस्फोटकों की खेप जमा कर रखी थी। उस मकान से सुभाष सिंह के नाम से दो वोटर-आईडी कार्ड बरामद हुए हैं।

इसी तरह के दो वोटर-आईडी कार्ड भूतनाथ रोड के श्यामली विला और बोकारो में भी मिले थे। दोनों जगहों पर सुबोध ने ही किराए पर मकान ले रखा था। इन तीनों कार्डों पर लगे फोटो का जब पुलिस ने पटना पहुंचने के बाद मिलान किया तो तीनों एक ही व्यक्ति के थे। इससे जाहिर है कि सुबोध ने गया के डेल्हा थाना क्षेत्र में सुभाष सिंह के नाम पर मकान ले रखा था।

पटना और बोकारो के बाद गया में 50 क्विंटल विस्फोटक बरामद होने के बाद यह संभावना और बढ़ गई है कि सुबोध और माओवादियों ने कई और शहरों में भी विस्फोटकों की खेप को डम्प कर रखा है। आधिकारिक सूत्रों की माने तो गुरुवार को गया में जितनी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए वह किसी बड़े शहर की तबाही के लिए काफी था। ऑपरेशन आईजी के.एस. द्विवेदी ने बताया कि एक किलो विस्फोटक के प्रयोग से जब घातक बम बनाए जा सकते हैं तो 50 क्विंटल विस्फोटकों से कितनी तबाही मच सकती है, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

इधर पुलिस के अधिकारी भी यह मानते हैं कि नक्सलियों ने कई शहरों में विस्फोटकों की खेप को छिपा रखा है। बहरहाल पुलिस के हाथ रंजीत और रणधीर नामक तुरुप के पत्तों को अपनी हिरासत में रखा है। सूत्र बताते हैं कि इन्हीं दोनों की निशानदेही पर बोकारो और गया में क्रमशः हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद की है।

आशंका प्रकट की जा रही है कि सुबोध उर्फ सुभाष ने पटना, जहानाबाद, हजारीबाग, नवादा, कोडरमा, शेरघाटी व औरंगाबाद सहित बिहार और झारखंड के दजर्नों शहरों में विस्फोटक छिपाकर रखे हैं। विस्फोटकों की बरामदगी करने वाले पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे पटना के सदर डीएसपी पंकज कुमार ने आशा जताई है कि पुलिस को शीघ्र ही और भी कामयाबियां मिलेंगी।

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