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महिलाओं के स्तन दोबारा विकसित करने की तैयारी

महिलाओं के स्तन दोबारा विकसित करने की तैयारी

आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक निओपेक नामक उस क्रांतिकारी तकनीक का परीक्षण करने जा रहे हैं जिसकी मदद से महिलाओं के स्तन दोबारा विकसित किए जा सकते हैं।

मेलबर्न स्थित बेर्नार्ड ओब्रिएन इंस्टीटयूट ऑफ माइक्रोसजर्री के डा फिलिप माज्रेला कहते हैं कि निओपेक तकनीक जल्द ही स्तन पुनर्निर्माण और उनके प्रत्यारोपण का स्थान ले सकती है। माज्रेला ने बताया हम अगले तीन से छह माह में एक प्रायोगिक परीक्षण करने ज रहे हैं। यह परीक्षण पांच या छह महिलाओं पर किया जएगा ताकि यह बताया ज सके कि शरीर स्तन में अपनी ही वसा की आपूर्ति कर उन्हें विकसित कर सकता है।

एबीसी ऑनलाइन में आज माज्रेला के हवाले से बताया गया है कि इस परीक्षण के दौरान डॉक्टर वक्ष में, महिलाओं के वसीय उतकों के नमूने वाला एक नन्हा कक्ष प्रत्यारोपित करेंगे। यह कक्ष एक ढांचे का काम करेगा जिसके अंदर नए स्तन उतक विकसित होंगे। इस कक्ष में रक्त की आपूर्ति भी होगी। माज्रेला के अनुसार, इस दौरान मरीज को किसी तरह की असामान्यता का अहसास नहीं होगा। प्रत्यारोपित किया गया कक्ष बायोडिग्रेडेबल होगा। वह कहती हैं अभी तो कक्ष नॉन बायोडिग्रेडेबल होगा लेकिन हमें अगले दो साल में बायोडिग्रेडेबल कक्ष विकसित कर लेने की उम्मीद है ताकि अंदर वसा के विकसित होने के बाद कक्ष स्वत: ही अपघटित हो जाए।

पशुओं में निओपेक तकनीक का परीक्षण किया जा चुका है। सुअरों में इस तकनीक की मदद से छह सप्ताह में ही नए स्तन विकसित हो गए थे।

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  • Web Title:महिलाओं के स्तन दोबारा विकसित करने की तैयारी