DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो टूक (बुधवार, 12 नवंबर)

डीटीसी के बाद झटका देने की बारी अब मेट्रो की थी! उसने भी किराए दो रुपये से लेकर आठ रुपये तक बढ़ा दिए! अब जिसमें हिम्मत हो वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करके दिखा दे! एक तरफ सरकार कहती है कि प्रदूषण घटाने के लिए कार-टैक्सी छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चलिए। सड़कों पर प्राइवेट वाहनों की भीड़ कम कीजिए। दूसरी तरफ वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट को महंगा करती जाती है। दिल्ली-एनसीआर वालों के सामने यह विरोधाभास अपने पूरे शबाब में है। दाम बढ़ाने के सबके अपने अपने तर्क हैं। सबको अपनी बढ़ती लागतें पूरी करनी हैं। बिजली कंपनियों को भी, पानी की एजेंसियों को भी और डीटीसी को भी। सवाल बस यह है कि आम आदमी अपनी बढ़ती लागतें कहां से पूरा करे? उसके बजट की भरपाई कौन करेगा?

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दो टूक (बुधवार, 12 नवंबर)