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अकलियतों का दिल दुखाने वाले सत्ता में नहीं रहेंगेः लालू

जो अकलियतों का दिल दुखायेगा वह सत्ता में टिक नहीं पायेगा। राजी-खुशी से करें या दबाव में सच्चर और रंगनाथ मिश्र कमेटी की अनुशंसाओं को लागू करना ही पड़ेगा। पिछली बार सवाल उठाए तो लोग यह कहकर बच गए कि अभी पढ़े नहीं हैं, लेकिन इस बार तो संसद में यह बहाना भी नहीं चलेगा।

ये बातें तो हैं लालू प्रसाद की पर रामविलास पासवान और डॉ. जगन्नाथ मिश्र हों या कांग्रेस के असलम शेर खान सबों के तेवर कुछ ऐसे ही थे। एनसीपी के तारिक अनवर ने भी मुसलमानों की बदहाली के लिए सेकुलर पार्टियों को ही जिम्मेदार ठहराया।

मौलाना अब्दुल कलाम के जन्मदिन पर श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में बुधवार को मुत्ताहिदा मिल्ली महाज के तत्वावधान में आयोजित इंसाफ रैली में कई दलों के नेता एक मंच पर जुटे तो सच्चर, फातमी और रंगनाथ मिश्र कमेटी की रिपोर्टें केन्द्र के गले की हड्डी बन गईं। लालू प्रसाद ने तो साफ कह दिया कि आज लूंगी, टोपी और दाढ़ी को शक की दृष्टि से देखा जाने लगा है। बाबरी मस्जिद की शहादत के बाद से ऐसा हुआ है। कोई वंदे मातरम बोलने के लिए बाध्य कर रहा है, तो कोई राष्ट्रभाषा में शपथ लेने के कारण अबू आजमी को थप्पड़ मार रहा है। महाराष्ट्र में संविधान की हत्या हुई और देखने वाले चुपचाप बैठे रहे। अब की रैली गांधी मैदान में होगी। बिहारियों पर रोज हमले हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा नेता बिहारियों को नौकरी नहीं देने की बात कर रहे हैं, तो कांग्रेस की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कहती हैं कि बिहारी दिल्ली को गंदा कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी ने मुसलमानों की बदहाली का डायगनोसिस किया और फातमी तथा रंगनाथ मिश्र कमेटियों ने इलाज के तरीके बताए, लेकिन एक को डस्टबीन में फेंक दिया गया तो दूसरे को टेबुल ही नहीं किया जा रहा है।

लोजपा नेता रामविलास पासवान ने तो दो कदम आगे बढ़कर महाराष्ट्र और मुंबई दंगें के बाद बनी श्री कृष्णा कमेटी की रिपोर्ट की भी वकालत कर दी। उन्होंने लिब्राहन कमेटी की चर्चा करते हुए कहा कि उसमें खुलासा किया गया है कि बाबरी विध्वंस में किन लोगों का हाथ है। लेकिन अब उसकी चर्चा भी नहीं होती। इस्लाम देश में डंडे और पैसे के बल पर नहीं फैला है, बल्कि समानता के अधिकार के कारण इसका फैलाव हुआ है।

अध्यक्षता करते हुए डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने कहा कि मुसलमानों को अब तक अधिकर नहीं मिल सका। देश की आर्थिक नीतियां भी मुसलमान विरोधी हैं। तरिक अनवर ने कहा कि हमारी मसलों के कौमी तरीके से देखा जात है। सच्चर कमेटी रिपोर्ट की नुमाईंदगी सभी सेकुलर पार्टियों का करना होगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री असलम शेर खान ने कहा कि रिपोर्टों को लागू करना के लिए मुसलमानों को ताकत का एहसास कराना होगा। 

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