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प्रशासन के आंख की किरकिरी बने भाकियू के किसान

लगभग एक सप्ताह से गन्ना मूल्य निर्धारण की मांग को लेकर धरना और बाद में अनशन पर बैठने वाले भाकियू से संबंधित किसान बुधवार को प्रशासन की आंख की किरकिरी बन गये। प्रशासन ने पहले तो किसानों को जबरन जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया और बाद में वार्ता कराने के नाम पर पुलिस की गाड़ी में बिठाकर कलक्ट्रेट से पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंचा दिया।

गेस्ट हाउस में भी किसान धरने पर बैठ गये हैं। किसानों ने प्रशासन पर शासन के आदेश और चीनी मिल प्रबंधन के दबाव में गुमराह कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रवीन्द्र दौरालिया ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई का कड़ा विरोध होगा। माना जा रहा है कि नोएडा में मुख्यमंत्री मायावती के दौरे को लेकर ही प्रशासन ने बुधवार को कार्रवाई की।

सात दिनों से भाकियू के तत्वावधान में किसान गन्ना मूल्य को लेकर कलक्ट्रेट में आंदोलन कर रहे थे। शनिवार को प्रशासन, चीनी मिल प्रबंधन, गन्ना सहकारी समिति के पदाधिकारियों के बीच बैठक का भी आंदोलन कर रहे किसानों ने बहिष्कार किया। किसान लगातार चीनी मिल प्रबंधन से वार्ता कर गन्ना मूल्य की घोषणा की मांग कर रहे थे। इस बीच मंगलवार को एक किसान ने आमरण-अनशन प्रारम्भ कर दिया।

तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को डीएम ने वार्ता और कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि किसान सीधी वार्ता और गन्ना मूल्य की घोषणा की मांग करते रहे। इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करा दिया। साथ ही सर्किट हाउस में वार्ता कराने की बात कह सभी किसानों को पीडब्लूडी गेस्ट हाउस पहुंचा दिया। गेस्ट हाउस में भी किसान धरने पर बैठ गये हैं।

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