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किसानों ने नहीं दिया गन्ना, शुरू नहीं हो सकी पेराई

चीनी मिलों और किसानों के बीच चला आ रहा गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। करीब 36 हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट जारी करने के बावजूद सिंभावली शुगर मिल को दो दिन में केवल 1500 कुंतल गन्ना ही मिल सका। चीनी मिल के सेंटर और मिल गेट दिन भर सूने पड़े रहे और किसान गन्ना देने के लिए ही नहीं गए।

मंडल में बागपत की रमाला सहकारी चीनी मिल ने सबसे पहले नौ नवंबर को पेराई शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन चक्का जाम के दौरान किसानों ने शुभारंभ के लिए लगाया गया टेंट आग के हवाले कर दिया था। रमाला के बाद गाजियाबाद की सिंभावली शुगर मिल ने पेराई शुरू करने के लिए दो दिन पहले 36 हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट जारी किया था। गन्ना विभाग के अनुसार दो दिन में मिल को केवल 1500 कुंतल गन्ना ही मिल पाया है, जिसकी वजह से पेराई शुरू नहीं हो पा रही है।

बुधवार को दिन भर चीनी मिल के क्रय केंद्र और मिल गेट सूने पड़े रहे। उधर, वरिष्ठ रालोद नेता डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि गन्ने के भाव का मामला तय होने से पहले किसान किसी भी कीमत पर गन्ना नहीं बेचेंगे। उन्होंने दावा किया कि गन्ना विभाग और मिल प्रशासन झूठ बोल रहा है, पूरे क्षेत्र में एक भी किसान ने मिल को गन्ना नहीं दिया है।

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