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नरेगा निगरानी समिति के प्रदेश पदाधिकारी भी कटघरे में

कांग्रेस की नरेगा निगरानी समिति के 4 पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जिले के अफसरों ने अब इसके प्रदेश पदाधिकारियों पर ही भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। बुधवार को यहाँ डीएम और एसपी ने साफ कहा कि जिले में नरेगा निगरानी समिति के लोग प्रधानों से जाकर रकम वसूलते थे। इसका हिस्सा संगठन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के पास पहुँचने की बात भी पता चली है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बीते शुक्रवार को जिले के कुसमरा और शेखूपुर गाँवों का कांग्रेस की नरेगा निगरानी समिति के प्रदेश सदस्य राकेश यादव और दो कांग्रेसियों सहित चार लोगों को कुरारा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। शेखूपुर के प्रधान ने उनके खिलाफ धमकाने के आरोप लगाए थे। दूसरे दिन पुलिस ने नरेगा निगरानी समिति के जिलाध्यक्ष को भी जेल भेज दिया था।

सोमवार को प्रदेश के नरेगा निगरानी समिति के प्रदेश चेयरमैन संजय दीक्षित ने हमीरपुर जेल में कांग्रेसियों से मुलाकात की थी। उन्होंने ऐलान किया कि 15 दिन बाद जिले के हर ब्लाक के 20-20 गाँवों में चौपाल लगाई जाएगी। इसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव भी आएँगे। उन्होंने नरेगा में हमीरपुर को भ्रष्टतम जिलों में से एक बताया था।

बुधवार को डीएम जी. श्रीनिवास और और एसपी सूर्यनाथ सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि अब नरेगा निगरानी समिति के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। डीएम ने साफ कहा कि नरेगा के काम की जाँच करने जो भी समितियाँ आती रही हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों से वसूली की है। जिन प्रधानों ने उनके खिलाफ शिकायत की, उन्हें धमकियाँ मिल रही हैं। ग्राम प्रधानों से वसूली का हिस्सा समिति के लखनऊ में बैठे पदाधिकारियों के पास भी पहुँचता रहा है। 

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  • Web Title:नरेगा निगरानी समिति के प्रदेश पदाधिकारी भी कटघरे में