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प्रभाष जोशी के नाम पर पत्रकारिता विश्वविद्यालय की मांग

बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने राज्य में प्रस्तावित पत्रकारिता विश्वविद्यालय का नाम पत्रकारिता के शिखर पुरूष प्रभाष जोशी के नाम पर रखने की मांग की है।
 
यूनियन के महासचिव अरूण कुमार ने बुधवार को कहा कि जोशी ने सिर्फ हिन्दी पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि भारतीय पत्रकारिता को एक नई दिशा दी थी। उनके निधन से बिहार के श्रमजीवी पत्रकार मर्माहत हैं। उन्होंने कहा कि जोशी ने सत्ता के विरूद्ध लेखन को पत्रकारिता का मूल धर्म घोषित किया था और इसका अंतिम सांस तक निर्वहन भी किया। उन्होंने पत्रकारिता की नई आचार संहिता गढी जो भारतीय पत्रकारिता का सदा मानक रहेगी।
 
कुमार ने कहा कि जोशी ने लगातार बिहार को राजनीतिक सांस्कृतिक दिशा देने की कोशिश की। बिहार आंदोलन में उन्होंने संपादक की कुर्सी छोड़कर आंदोलन की पत्रकारिता की बावजूद इसके उन्होंने कभी भी किसी राजनीतिक पद और अतिरिक्त लाभ की आकांक्षा नहीं जताई। महासचिव ने कहा कि प्रभाष जी ने बिहार के अलग-अलग हिस्सों में 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण वक्तव्य दिए और बेहतर सांस्कृतिक माहौल के निर्माण की सतत् कोशिश की।
 
कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि जोशी ने मृत्यु पूर्व बिहार में जन-पत्रकारिता के सपने के साथ जिस पत्रकारिता विश्वविद्यालय का मार्गदर्शन किया था। उस विश्वविद्यालय को उन्हीं के नाम पर समर्पित कर दिया जाए और शीघ्र ही सरकार की ओर से प्रभाष जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की अधिसूचना जारी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पत्रकारिता विश्वविद्यालय को बिहार मंत्रिमंडल ने कई माह पूर्व स्वीकृति दे दी थी।

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