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...तो आसमान में होता जलजला

...तो आसमान में होता जलजला

नासा ने जानकारी दी है कि हाल ही में अपनी पृथ्वी 26 फुट चौड़े एक क्षुद्रग्रह से टकराने से बची। यह नन्हा तारा हमारे ग्रह से 14,000 किलोमीटर करीब तक आ पहुंचा था।

2009 वीरू नाम का यह क्षुद्रग्रह पिछले शुक्रवार को हमारी धरती के सबसे नजदीक था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि यह चंद्रमा से 30 गुना ज्यादा करीब था। खगोलविदों की मानें तो अगर यह क्षुद्रग्रह हमारे वायु-मंडल में घुस आता तो जल के खमक हो जाता। उसके जलने से आसमान में जलजला होता। आकाश में चमकता आग का एक गोला दिखाई देता लेकिन इससे धरती को कोई खास नुकसान नही पहुंचता।

एजेंसी के अनुसार, यह तीसरा ऐसा क्षुद्रग्रह है जो धरती के इतने करीब से गुजरा। इसके इतने पास आने के केवल 15 घंटे पहले ही उसकी खबर लग सकी। डेली मेल के मुताबिक, इस क्षुद्रग्रह की खोज छह नवंबर को कैटलिना स्काई सर्वे में हुई। इस साल मार्च में 100 फुट चौड़ा एक क्षुद्रग्रह घरती से 45,000 मील की दूरी से गुजरा था।

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