DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ऑनलाइन तय हुई है शादी! जरा जासूस से भी पूछें

ऑनलाइन तय हुई है शादी! जरा जासूस से भी पूछें

शादी के लिए जोड़ी मिलाते वक्त सबकुछ ठीक लग रहा था। लड़का, उसका परिवार और उसकी हैसियत हर चीज पसंद आ गई थी लेकिन आखिरी लम्हों में एक डिटेक्टिव एजेंसी ने लड़के के अतीत की पूरी किताब ही जैसी खोल दी।

सेहरा पहनने जा रहा लड़का न सिर्फ तलाकशुदा था बल्कि पहली शादी से उसे दो बेटियां भी थीं। इसके अलावा उसकी कुछ और खूबियां थी। वह शराबी था और इसी वजह से उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया। इतनी जानकारी लड़की के पिता के लिए काफी थी। उन्होंने ये रिश्ता तोड़ दिया और लड़के के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया।

शादी के बंधन में बंधने जा रहे लड़के या लड़की के मन में एक दूसरे के बारे में कई अंदेशे होते हैं। इस मामले में अपने संदेहों को दूर करने के लिए लड़की वालों ने प्राइवेट डिटेक्टिव की मदद ली।

इंडियन डिटेक्टिव एजेंसी के संजय सिंह कहते हैं, इंटरनेट और जोड़ियां मिलाने के धंधे में लगी एजेंसियों के जरिए शादी करने का चलन बढ़ रहा है। अभिभावकों के मन में कुछ अंदेशों का होना स्वाभाविक है और इसलिए वे हमारी सेवा लेते हैं।

उन्होंने कहाकि कोई ठगा जाना नहीं चाहता है। मां-बाप नहीं चाहते कि शादी के बाद उनके बच्चों को किसी किस्म की परेशानी हो। सिंह कहते हैं, यहीं हमारा काम शुरू होता है। वे शादी से पहले संभावित दूल्हे या दुल्हन के बारे में दी गई जानकारी की पूरी तरह से तसल्ली कर लेना चाहते हैं।

सिंह के नजरिए से सहमति जताते हुए टाइम्स डिटेक्टिव की भावना पालीवाल कहती हैं, पहले मां-बाप पूरी जांच परख करने के बाद शादियां तय किया करते थे लेकिन अब यह चलन बदल गया है। लोग इंटरनेट की मदद ले रहे हैं या फिर बहुत छोटी मुलाकातों में रिश्ते तय किए जा रहे हैं। इससे ठगे जाने का खतरा बढ़ गया है।

इससे बचने के लिए कई लोग संभावित साथी के अतीत के बारे में जानने के लिए डिटेक्टिव एजेंसियों की मदद ले रहे हैं। पालीवाल कहती हैं, शादियों में शानो शौकत के नाम पर लाखों खर्च कर देने वाले लोग हमारी सेवा लेने के लिए अपनी जेब थोड़ी और ढी़ली करने से नहीं हिचक रहे हैं।

उनकी एजेंसी किसी व्यक्ति के बारे में ऐसी जानकारी देने के लिए कम से कम 15 हजार रुपए वसूलती है। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म की फीस मांगी जा रही सेवा के अनुसार बढ़ सकती है। मसलन किसी को सबूत भी चाहिए तो उसे ज्यादा रकम चुकानी होगी।

संजय सिंह कहते हैं, अब तो मध्यमवर्ग के लोग भी हमारी सेवाएं ले रहे हैं। पहले सिर्फ सभ्रांत वर्ग के लोग ही हमारे पास आया करते थे। उन्होंने बताया कि हमारी अहमियत बढ़ गई है। अब ज्यादा लोग हम पर यकीन करते हैं। लोगों के भरोसे को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। हम उनके मामलों की न सिर्फ ठीक से तफ्तीश करते हैं बल्कि उनकी गोपनीयता भी बनाए रखते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ऑनलाइन तय हुई है शादी! जरा जासूस से भी पूछें