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पटना में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल ने ली 28 जिंदगियां

पटना में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल ने ली 28 जिंदगियां

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। सोमवार देर रात से जारी इस हड़ताल के कारण इलाज के अभाव में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।

इसके बावजूद सरकार और हड़ताली डॉक्टर अपने-अपने रुख पर अड़े हैं। वैकल्पिक उपाय के तहत पीएमसीएच में 50 डाक्टरों को बुलाया गया है।

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव डॉ़ धनंजय ने बुधवार को कहा कि पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल वाजिब है। उन्होंने कहा कि इस बार कोई भी डॉक्टर सरकार के कोरे आश्वासन पर काम पर नहीं लौटेगा। जब तक सरकार मानदेय बढ़ाने का लिखित आश्वासन नहीं देती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर, अस्पताल के एक अधिकारी के अनुसार हड़ताल के बाद से इलाज के अभाव में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है।

अस्पताल के उपाधीक्षक आर के सिंह ने बताया कि हड़ताल से निपटने के लिए 100 चिकित्सकों की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आपातकालीन सेवा को सही तरीके से चलाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि जो मरीज जीवन रक्षक उपकरणों पर रखे गए हैं, उनके परिजनों को उन्हें अन्य अस्पतालों में ले जाने की सलाह दी जा रही है।

पटना के सिविल सर्जन प्रणव कुमार ने बताया कि पीएमसीएच में 50 अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है तथा जल्द ही 50 अतिरिक्त डाक्टरों को वहां भेजा जाएगा।

मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि इस हड़ताल की कोई आवश्यकता नहीं थी और सरकार पहले ही जूनियर डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाने की मांग मान चुकी है। इसके लिए सरकार ने एक प्रस्ताव भी वित्त विभाग को भेजा है।

उल्लेखनीय है कि पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर मानदेय की राशि 13,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 से 30,000 रुपये तक करने की मांग कर रहे हैं।

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