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डीडीओ के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

अधिकारियों द्वारा लंबे समय से अग्रिम रखने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार ने 15 दिन में सभी अग्रिमों का हिसाब देने का निर्देश दिया है। वित्त सचिव राजबाला वर्मा ने विभागीय सचिवों और जिला उपायुक्तों को बकाये एसी बिल का डीसी विपत्र नहीं सौंपनेवाले निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) के खिलाफ प्रशानिक कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही अग्रिम का हिसाब कर एजी और ट्रेजरी को वाउचर सौंपने की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। र पिछले अग्रिम के खर्च का हिसाब देने के बाद ही ट्रेारी को दोबारा अग्रिम देना है। पर इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। वर्ष 2008-0े अंतिम माह में 2144 करोड़ रुपये की अग्रिम निकासी हुई है। राज्य बनने से लेकर अब तक 8522 करोड़ रुपये कोषागारों से अग्रिम के रूप में निकाले गये हैं। इसमें से 2735 करोड़ रुपये का ही हिसाब सरकार को मिला है। करीब छह हाार करोड़ रुपये अब भी अधिकारियों के पास अग्रिम के रूप में पड़े हैं। पिछले एडवांस का हिसाब देने के लिए एजी, सीएस और वित्त आयुक्त ने दर्जनों पत्र जारी किये। बावजूद इसके मार्च महीने में पिछले साल की तुलना में 660 करोड़ अधिक अग्रिम निकला गया है। मार्च 2008 में 1484 करोड़ का एडवांस निकला था। सरकार के कड़े निर्देशों के बाद भी अधिकारियों ने अग्रिम की वापसी या खर्च का हिसाब तो नहीं दिया, इसके साथ ही अग्रिम लेने का दौर बढ़ गया।

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  • Web Title: डीडीओ के खिलाफ कार्रवाई का आदेश