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बिजनेस में सामाजिक जिम्मेदारी भी अहम: फिशर

बिजनेस में सामाजिक जिम्मेदारी भी अहम: फिशर

आर्थिक मंदी के दौर में बिजनेस कंपनियों को अपनी आचार-संहिता और सामाजिक जिम्मेदारी को भूलना नहीं चाहिए। बिजनेस आचार-संहिता सिर्फ स्कूलों या कॉलेजों में पढ़ाकर ही नहीं सिखाई जा सकती बल्कि इसके लिए कॉरपोरेट स्तर पर बहस के साथ-साथ पारदर्शिता भी बरती जानी चाहिए। ये बातें गुड़गांव के पर्ल स्कूल ऑफ बिजनेस में स्पेशल लेक्चर देने आए नॉटिंघम स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर कॉलिन फिशर ने कहीं।

फिशर के मुताबिक मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए आज सिर्फ एमबीए ही इकलौता माध्यम है लेकिन एमबीए में मुनाफा कैसे कमाना है, ये तो बताया जाता है लेकिन बिजनेस में सामाजिक जिम्मेदारी की अहमियत को नहीं बताया जाता। हालांकि अमेरिका के हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में एमबीए करने वाले छात्र अब एक शपथ भी लेते हैं जिसमें नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ बिजनेस करने का प्रण लिया जाता है।

कैंब्रिज यूनीवर्सिटी में भारतीय इतिहास से पीएचडी कर चुके प्रो. फिशर ने कहा कि कॉरपोरेट स्तर पर ऐसी बहस होनी चाहिए जिससे हर व्यक्ति की जिम्मेदारी का मानक बढ़ सके। इस दौरान प्रो. फिशर गुड़गांव के पर्ल स्कूल ऑफ बिजनेस में मौजूद थे। पर्ल स्कूल ऑफ बिजनेस एमबीए की पढ़ाई के लिए एक जाना-माना संस्थान है।

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