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जाफरी ने लगाई थी मोदी से मदद की गुहार

गुजरात में 2002 के गोधराकांड के बाद गुलबर्ग सोसाइटी में हुए दंगों के मामले में एक अन्य गवाह ने कहा है कि इसमें मारे गए पूर्व सांसद एहसान जाफरी ने मदद के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया था कि लेकिन उन्हें अनुपयुक्त उत्तर मिला।

रूपा मोदी ने सुनवाई न्यायाधीश बीयू जोशी के समक्ष अपनी गवाही में कहा कि जाफरी ने मोदी को फोन किया लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कोई उपयुक्त उत्तर नहीं मिला। रूपा का बेटा अजहर इस घटना में खो गया है और वह अभी तक नहीं मिला है। इस कहानी से प्रभावित हो कर बॉलीवुड में परजानिया नामक एक फिल्म भी बनी है।

गुलबर्ग सोसाइटी में रहने वाली रूपा ने 28 फरवरी 2002 को दंगा भड़कने के बाद जाफरी के घर में शरण ली थी। उसने अदालत को बताया कि जब हमने उनसे (जाफरी) मदद के बारे में कहा तो उन्होंने कहा कि उनकी मोदी से बात हुई है लेकिन उपयुक्त उत्तर नहीं मिला है।

इससे पहले भी इम्तियाज पठान नामक एक गवाह ने अपनी गवाही के दौरान मोदी पर ऐसा ही आरोप लगाया था। उल्लेखनीय है कि गोधरा में एक ट्रेन को जला दिए जाने की घटना के बाद यह दंगा भड़का था। इसमें कम से कम 59 लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर कार सेवक थे।

 

 

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