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जिम्मेदारी ले तो ली

परसों शाम कालोनी में छोटी सी घटना हो गई। सड़क पर खेल रहे चोपड़ा साहब के बच्चों को धींगड़ा साहब की गाड़ी ने हल्की सी टक्कर मार दी। बच्चा थोड़ा जख्मी हो गया। मरहम पट्टी हो गई। मौलाना लादेन दुखी स्वर में बोले- ‘बच्चों के साथ हुई इस दुर्घटना की जिम्मेदारी मैं अपने ऊपर लेता हूं।’ मैंने हैरत से पूछा- ‘तुम न चोपड़ा न धींगड़ा, जिम्मेदारी कैसे हो गए?’ मौलाना ने मुझे फटकारते हुए कहा- ‘जिम्मेदारी ले लेने में हर्ज क्या है? कौन फांसी चढ़ा देगा। मैं अगर घर के बाहर खड़ा होता तो बच्चों को खींच लेता। हादसा टल जाता। जिम्मेदार मैं हूं।’

डिबिया से एक पान निकालकर, गर्दन मरोड़ कर मुंह में ठूंसते हुए बोले- ‘भाई मियां, आतंकवादी धमाके होते हैं, सैकड़ों बेगुनाह जानें जाती हैं, और तड़ से एक मैसेज आ जाती है कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी हमारा संगठन लेता है (बिगाड़ लो जो बिगाड़ना हो)..। चुनावों में किसी पार्टी की छीछालेदर होती है..घूरे पर आ जाती है..तो कोई बड़ा नेता बयान दाग देता है कि हार के लिए जिम्मेदार मैं हूं। शेरनी का दूध सोने के बर्तन में ही टिकता है। बड़े नेता ने जिम्मेदारी ले ली..काफी है। मामला रफा-दफा। खेल में पिट जाने पर कप्तान कह देता है जिम्मेदार मैं हूं। पूरी टीम पर पड़ी राख धुल जाती है कि नहीं?’

आधी चुटकी तंबाकू से पान की पोटेंसी तेज करते हुए लादेन बोले- ‘अलबत्ता लद गए वे दिन जब रेल दुर्घटना के बाद जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए रेलमंत्री (शास्त्री जी) अपने पद से इस्तीफा दे देता था। अब हर्जाना दे देते हैं। मरने वालों को इतने लाख, अधमरे को इतने, जख्मी को इतने। जिम्मेदारी पूरी। ज्यादा से ज्यादा मृतक के परिवार में एक को नौकरी दे देंगे। मृतक की आत्मा को भी शांति मिली..जिम्मेदारी लेने से भी बचे।’

दाढ़ी पर रवाना होती हुई नन्हीं सी पीक को अंगोछे से साफ करके मौलाना बोले- ‘कुछ मोटी खाल वाले बेशर्म ऐसे भी होते हैं जो झूठ-मूठ जिम्मेदारी लेने को भी तैयार नहीं होते। मसलन परवेज मुशर्रफ। एक बार भी फूटे मुंह से यह नहीं कहा कि पाकितान के सत्यानाश और भारत में आतंकवाद के लिए जिम्मेदार मैं हूं। अमेरिका क्या बिगाड़ लेता? जो बिगड़ना था बिगड़ चुका अगले का। पाकिस्तान की ही एक अदालत ने जनरल को भगोड़ा घोषित कर दिया और प्रापर्टी जब्त करने के आदेश दे दिए। पाक पीएम गिलानी बोले हैं कि मुशर्रफ दूसरे देश की शरण में है सो मुकदमा चलाना संभव नहीं होगा।’ जाते-जाते लादेन बोले- ‘अब अगर कोई छोटी मोटी वारदात हो तो इत्तला करना। जिम्मेदारी मै ले लूंगा। छुट्टी।’

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