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राम तेरी गंगा इतनी मैली क्यों?

भारतीय इतिहास में पवित्र नदी गंगा का अपना एक विषेष स्थान है। लेकिन गुरूकुल, कांगड़ी के पर्यावरण और जन्तु विभाग ने हैरतअगेंज खुलासा किया है कि गंगा के पानी का तापमान दो डिग्री तक बढ़ गया है और इसमें से ऑक्सीजन की मात्र कम होती जा रही है। यह भविष्य में आने वाले संकट का पैगाम है, और चिंता का विषय है। ग्लोबल वार्मिग, ग्लेशियर के पीछे खिसकने, वनों की अंधाधुंध कटाई और खासतौर पर हरिद्वार में मानवजनित गलतियों की वजह से गंगा में मल-मूत्र समाने, तथा पूजा-अर्चना सामग्री और अस्थियों के विसर्जन के कारण ही आज हमारी पवित्र नदी गंगा प्रदूषित होकर कराह रही है। यदि हम भारतवासी पवित्र नदी गंगा को साफ नहीं रखेगे तो हो सकता है कि आने वाली पीढ़ियो के लिए गंगा इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर ही रह जाएं। 
विजय कुमार किराड़, गॉव बवाना दिल्ली-39

किरण बेदी क्यों नहीं
इस समय केन्द्रीय सूचना आयोग के प्रमुख का पद खाली है और इसे भरने के लिए जिस नाम का पलड़ा भारी है, उसे सरकार हल्का करना चाहती है। सारा देश, और हर जिम्मेदार नागरिक यही चाहता है कि किरण बेदी ही अगली मुख्य सूचना आयुक्त हो। लेकिन लगता नहीं है कि हमारे देश की किस्मत अच्छी है, क्योंकि इसके लिए जो पैनल बनाया गया है, उसमें किरण बेदी का नाम ही नहीं है। अभी तक हमें किरण बेदी से ज्यादा कोई ईमानदार अधिकारी या नेता नहीं देखा है। 
देवेन्द्र कुमार, सोनवारा, आजमगढ़

पीली धातु की महिमा
आईएमएफ से आरबीआई ने हाल में 200 टन सोने की जो खरीददारी की है उससे भारतवर्ष का दस बड़े देशों की श्रेणी में आ जाना आर्थिक क्षेत्र में बहुत मायने रखता है। इससे आईएमएफ में भारतवर्ष के वोट की कीमत भी बढी है। रुपये के मुकाबले डलर की गिरती कीमत को संभालने के अवसर भी बढेंगे। निजी तौर पर स्वर्ण खपत का सबसे बड़ा देश होने के कारण भारतवर्ष में आपूर्ति व मांग का संतुलन बनाये रखने में अर्थ तंत्र को सहायता मिलेगी। मांगलिक उत्सवों में स्वर्णाभूषणों के आदान-प्रदान को अधिक महव दिया जाना पीली धातु की महिमा को इंगित करता है। 
युगल किशोर शर्मा, खाम्बी, फरीदाबाद

चीन भी पड़ोसी धर्म निभाए
चीन की भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ जब तब होती रहती है। जब इसकी ओर उसका ध्यान आकर्षित किया जाता है तो जवाब मिलता है ‘दोनों देशों की सीमा परिभाषित नहीं है’, लेकिन दोनों देशों के मध्य नियंत्रण रेखा ही सीमा है, उसका पालन होना चाहिए। अरुणाचल पर चीन अपना अधिकार जताता रहता है। चीन भारत के प्रधानमंत्री और दलाई लामा के इस प्रदेश में जाने पर आपत्ति करता है जो कि भारत की प्रभुसत्ता को चुनौती देना है।
चम्पत राय जैन, देहरादून

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