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ब्लड शुगर बढ़ने के दुष्प्रभाव

त्वचा : डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर का त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। हाई ब्लड शुगर से शरीर में तरल पदार्थो का ह्रास होता है जिससे त्वचा खुश्क हो जाती है। इससे हमेशा खुजली का अहसास होता है और कभी-कभी त्वचा लाल होकर फटने भी लगती है। इससे कीटाणुओं के संक्रमण की आशंका बन जाती है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थो के सेवन और लोशन और मॉइश्चराइज़र के इस्तेमाल से थोड़ी राहत मिल सकती है।

रक्त प्रवाह : हाई ब्लड शुगर से टांगें और पैर भी खराब हो सकते हैं। ऐसा रक्त प्रवाह में कमी आने के कारण होता है, क्योंकि पैरों पर ही पूरे शरीर का भार होता है। स्नायुतंत्र गड़बड़ा जाने के कारण पैरों में दर्द, सूजन और सर्द-गर्म का अहसास होने लगता है और पैर सुन्न हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में कांटा चुभने के समय पता ही नहीं चलता, लेकिन बाद में संक्रमण का गंभीर परिणाम भुगतना पड़ता है। इससे अल्सर, गैंग्रीन और आखिरकार टांग काटने की नौबत आ जाती है। टांगों में रक्त प्रवाह की कमी से घाव भरने में परेशानी और अगर ऐसे में सिगरेट पीने की आदत हो, तो ब्लड प्रैशर और खून में ग्लूकोज़ बढ़ने की शिकायत भी हो सकती है। ऐसे में ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के साथ-साथ, बार-बार गुनगुने पानी से पैर धोने और पांवों को किसी भी रगड़, घाव या चोट से बचाने की कवायद करनी ज़रूरी हो जाती है।

नेत्र ज्योति : हाई ब्लड शुगर से आंखों की रोशनी धुंधली और कमज़ोर होने लगती है, और कई बार रोगी अंधा भी हो जाता है। हाई ब्लड शुगर से आंख का रेटिना प्रभावित होता है, जो देखी जाने वाली वस्तु की इमेज को आकार देता है। इसे डायबैटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है।

इस बीमारी में रेटिना को खून की आपूर्ति करने वाली नसें अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे नेत्र ज्योति कमजोर हो जाती है। इसके अलावा, हाई ब्लड शुगर से रेटिनल सेल्स को रक्त वाहिनियों के ज़रिए होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति में भी रुकावट आ जाती है। इससे ग्लुकोमा, मोतियाबिंद और अंधेपन का खतरा उत्पन्न हो जाता है। इसलिए समय-समय पर आंखों की जांच कराते रहना चाहिए।

स्नायु तंत्र : हाई ब्लड शुगर से पूरे शरीर में रक्त वाहिनियों पर विपरीत असर पड़ता है। दिल और पाचन तंत्र भी इससे अछूते नहीं रहते। स्नायु तंत्र कमजोर होने पर शरीर के किसी भी अंग तक पोषक तत्व और ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं हो पाती, और कई बार तो ऐसा होता है कि रोगी में इस समस्या के लक्षण दिखाई भी नहीं देते, जो और भी खतरनाक है।

हाथ पैर सुन्न होना, अकड़ना और तेज़ दर्द उठना इसके मुख्य लक्षण हैं। यही नहीं, हड्डियों और जोड़ों की ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियो आर्थराइटिस जैसी बीमारियां भी हो जाती हैं। कुल मिलाकर हाई ब्लड शुगर से स्नायु तंत्र नष्ट होने लगता है और मोटापे के चलते मरीज़ की स्थिति और भी खराब हो जाती है।

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