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मधुमेह में खानपान

डायबिटीज को उचित खानपान के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है।

खानपान : खाने में मुख्य तत्व काबरेहाइड्रेट होता है, जो शरीर को 65 से 68 प्रतिशत कैलोरी प्रदान करता है। प्रत्येक कि.ग्रा. चर्बी हृदय रोग को बढ़ावा देती है। दूध में जो चर्बी होती है उसे सेचुरेटेड फैट कहते हैं। यह शाकाहारी स्नोतों (जैसे कोर्न, सनफ्लावर, सोयाबीन तेल) से प्राप्त होता है। 

शाकाहारी खाने में मुख्यत: दालें, सब्जियां एवं फलों में कोलेस्ट्रॉल कम एवं फाइबर ज्यादा होता है। मांसाहारी खाने में चर्बी अधिक होती है एवं फाइबर कम। फाइबर ग्लूकोज का आंतों में अवशोषण कम करता है और कब्ज दूर करता है। गुर्दे की बीमारी में खाने में प्रोटीन की कमी करें। करेले का जूस, नीम की पत्तियां यह सब शुगर के अवशोषण को कम करती हैं। इनसे मात्र दस प्रतिशत तक शक्कर के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। काली मिर्च और अजवायन भी लाभदायक होती है। अजवायन में लोहा एवं कैल्शियम होता है और काली मिर्च आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है।

सेक्रीन : सेक्रीन की गोलियां जिसकी मात्र 12  मि.ग्रा. होती है, की 10-12 गोलियां इस्तेमाल की जा सकती हैं। इस तरह की आर्टििफशियल शुगर का इस्तेमाल गर्भावस्था में नहीं करना चाहिए। अगर आप उच्च रक्त चाप से पीड़ित हैं, तो नमक का सेवन कम करें।

कारबोटार्ड : ग्वार की फली जिसे कारबोटार्ड भी कहते हैं, खाने के 15 मिनट पहले लेने से शक्कर का अवशोषण कम होता है एवं पेट भी भरा रहता है। इससे मधुमेह नियंत्रण करने में मदद मिलती है। चीकू, केले एवं अंगूर का सेवन न करें। रोटी सूखी, फली, फलियां, कम चर्बी वाला दही, दूध, सोया, दालें खाद्य पदार्थ फायदेमंद रहेंगे। दिन में आठ-दस गिलास पानी पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। शराब से परहेज करें। बिना चीनी वाले शीतल पेय लें। चाय-कॉफी में शुगर-फ्री गोलियों का प्रयोग करें।

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