DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जेसिका की आंखों से दो लोगों को मिली नयी जिंदगी

जेसिका की आंखों से दो लोगों को मिली नयी जिंदगी

माडल जेसिका लाल आज भले ही जीवित न हों लेकिन उनकी आंखों ने दो लोगों के जीवन में रौशनी भर दी। 34 वर्षीय माडल के परिवार ने 10 साल पहले दक्षिण दिल्ली के एक बार में जेसिका की हत्या हो जाने के बाद उनकी आंखें दान कर दी थीं। इसने दो नेत्रहीनों की जिंदगी में रोशनी भर दी थी। जिन दो लोगों को जेसिका की आंखें दी गई थीं उनमें से एक पुरुष और दूसरी महिला थी।
   
सेंटर फार साइट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डा़ महीपाल एस सचदेव ने कहा कि मुझे याद है कि मेरा अस्पताल उस समय ग्रीन पार्क में था। उनका कार्निया वेणु आई इंस्टीटयूट एंड रिसर्च सेंटर से आया था। डा़ सचदेव ने ही जेसिका की एक आंख एक पुरुष में प्रतिरोपित की थी।
   
सचदेव ने कहा कि जब जेसिका की आंखें एक जरूरतमंद को दी जा रही थीं तब उनके अस्पताल के ठीक पास में स्थित ग्रीन पार्क फ्री चर्च में उनके लिए प्रार्थना की जा रही थी। उन्होंने आंख पाने वाले व्यक्ति का नाम बताए बगैर कहा कि आंखें पाने वाला भला व्यक्ति दोनों आंखों से नेत्रहीन था। उनकी आंखें दान किए जाने से कम से कम वह एक आंख से अब देख सकते हैं।

जहां जेसिका का एक कार्निया सेंटर फार साइट को दे दिया गया था वहीं एक अन्य कार्निया गांव की एक नेत्रहीन महिला में प्रतिरोपित कर दी गई थी।
   
चितरंजन पार्क में रहने वाले एक निजी नेत्र शल्य चिकित्सक एससी आचार्जी ने कहा, आंख के दान कर दिए जाने का इंतजार करने वाले लोगों की लंबी सूची थी। मुझे याद है कि उनमें से एक आंख को हमारे पास लाया गया था जिसे मैंने एक महिला में प्रतिरोपित किया था जो काफी दूर से एक गांव से आई थी।
   
जेसिका की बहन सबरीना लाल ने बताया कि मुझे खुशी है कि जब स्थिति पूरी तरह अवसादजनक थी तब हम उसकी आंखें दान करने के बारे में फैसला कर सके। मेरे पिता ने अंग दान करने के संबंध में हमेशा सलाह दी थी ताकि किसी को नयी जिंदगी मिल सके। यह संतोष का अहसास कराता है कि यह पूरा हुआ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जेसिका की आंखों से दो लोगों को मिली नयी जिंदगी