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गेहूं के हाईब्रिड बीज के लिए मारामारी

रबी की मुख्य फसल गेहूं की बुआई शुरू हो चुकी है, लेकिन गेहूं का हाईब्रिड बीज हासिल करने के लिए किसानों में मारामारी मची है। 900 रुपए कुंतल का अनुदान मिलने के कारण सरकारी बीज कम पड़ रहा है। मजबूरी में किसान अपने पुराने बीज को ही बो रहे हैं।

जिले में शासन ने इस बार गेहूं बुआई का लक्ष्य घटा दिया है। वर्ष 2008-09 में जिले में 75503 हेक्टेयर गेहूं बुआई का टार्गेट था। किसानों ने इससे ज्यादा बुआई की थी और क्षेत्रफल करीब एक लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया, लेकिन सूखे के कारण शासन ने इस बार गेहूं बुआई का लक्ष्य कम करके 73465 हेक्टेयर कर दिया है। इस लक्ष्य के अनुसार भी किसानों को हाईब्रिड बीज के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। कृषि विभाग के पास लक्ष्य के अनुसार सरकारी बीज उपलब्ध नहीं है। ऊपर से सरकारी बीज पर 900 रुपए प्रति कुंतल का अनुदान मिलने के कारण किसान उसे हाथों-हाथ ले रहे हैं।

बाजार में हाईब्रिड बीज महंगा है। मजबूरी में किसानों को अपना पुराना बीज बोना पड़ रहा है। उप कृषि निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार तोमर का कहना है कि किसानों को हाईब्रिड बीज की कमी नहीं रहने दी जाएगी। पिछले साल किसानों को 700 रुपए प्रति कुंतल का अनुदान मिला था। इस बार 900 रुपए प्रति कुंतल का अनुदान किसानों को दिया जा रहा है। इसलिए बीज का उठान ज्यादा है। बाकी किसान पिछले वर्षो में मिले गुणात्मक बीज का बुआई में प्रयोग करेंगे।

 

 

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  • Web Title:गेहूं के हाईब्रिड बीज के लिए मारामारी